Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Maa laut aa vapas by Rahul Aligadhi

 *माँ लौट आ वापस ……*  आता है माँ का ख्याल, मन झकझोर जाता है, माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा …


 *माँ लौट आ वापस ……* 

Maa laut aa vapas by Rahul Aligadhi

आता है माँ का ख्याल, मन झकझोर जाता है,

माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा बुलाता है।

चैन से सोता था हर दिन, तेरे ही आँचल में माँ,

अब सूनी रातों में मुझको, लोरी कौन सुनाता है।

माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा बुलाता है। 

माँ कहती थी मुझसे, तू मेरी आँख का तारा है,

ममता की चादर ओढ़के मैंने, जीवन सारा गुजारा है।

आँखें भी पथरा गईं, लेकिन तुम नहीं अब दिखती हो,

आज सूना हो गया, जो घर तुम्हारा है।।

माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा बुलाता है। 

तेरी ही उंगली पकड़ कर, मैंने चलना सीखा है,

तेरा प्रेम गंगाजल जैसा, बाकी सबकुछ तीखा है।

शत शत बार नमन तुझको, और तेरे बलिदानों को,

तेरे सच्चे आदर्शों पर, अब चलना कौन सिखाता है।।

माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा बुलाता है। 

मेरे सपनों में फूल, तितली और परियाँ तभी तक थीं,

जब सर पर रहता हाथ तुम्हारा, खुशियों की रात तभी तक थी।

मेरा जन्मोत्सव मनाने, वो हर बार मिठाई लाती थीं,

मेरी जननी मेरे पास नहीं, तब जन्मदिन कौन मनाता है।।

माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा बुलाता है।

✍️ राहुल अलीगढ़ी

परिचय ……….

नाम : *राहुल अलीगढ़ी* 

पिता : श्री चन्द्र भान सिंह

माता : श्रीमती ओमवती देवी

जन्म : 15 जुलाई 1988

सम्मान : श्री राम साधना साहित्य सम्मान, कृष्णवी साहित्य सम्मान (श्री नवमान पब्लिकेशन, अलीगढ़) एवं स्टोरी मिरर, मुम्बई से अब तक 9  प्रशस्ति पत्र प्राप्त हो चुके हैं।।

पता : प्रिंस कॉलोनी, मेलरोज़ बाईपास, अलीगढ़ -202001 (उत्तर प्रदेश)

मोबाइल : 8307778883

ई मेल : rahul.info12@gmail.com


Related Posts

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

PreviousNext

Leave a Comment