Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Maa ki apeksha by Anita Sharma

 “माँ की अपेक्षा” माँ की अपेक्षा बेटी का भविष्य उज्जवल हो। जो जीवन माँ ने जिया, कभी बेटी न जिये। …


 “माँ की अपेक्षा”

Maa ki apeksha by Anita Sharma

माँ की अपेक्षा बेटी का भविष्य उज्जवल हो।

जो जीवन माँ ने जिया, कभी बेटी न जिये।

पढ़ लिख कर भविष्य गढ़ेगी।

अपने पैरों पर स्वयं चलेगी।

स्वाभिमान के साथ जियेगी।

देश की सेवा में तत्पर रहेगी।

हर अत्याचारी को दंडित करेगी।

कानून का सम्मान और रक्षा करेगी।

मेरी बेटी ऊँचा नाम करेगी।

स्वर्ण सा तपकर निखरेगी।

आचरण पर खरा उतरेगी।

बेटे सा जग में जीवन जियेगी।

इक माँ की अपेक्षा है बेटी से।

बेहतर भविष्य की ओर बढ़ेगी।

आत्म विश्वास और सम्मान पर दृढ़ रहेगी।

गौरवान्वित वह माँ को करेगी।।

—-अनिता शर्मा झाँसी
—‘मौलिक रचना


Related Posts

माँ

June 24, 2022

 माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ

तन्हा सी!!!!

June 24, 2022

 तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही

वर्षा ऋतु !

June 24, 2022

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और

खुशनुमा वातावरण बनाएं!

June 24, 2022

 खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की,

जरूर लड़े!

June 24, 2022

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और

पारदर्शी जीवन!

June 24, 2022

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

PreviousNext

Leave a Comment