Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Maa kal ratri by Sudhir Srivastava

 *माँ कालरात्रि* सप्तम रूप माँ जगदम्बे का माँ कालरात्रि कहलाये, शुभकारी फल देती मैय्या शुभंकारी भी कहलाये। रुप भयानक, डरावनी …


 *माँ कालरात्रि*

Maa kal ratri by Sudhir Srivastava

सप्तम रूप माँ जगदम्बे का

माँ कालरात्रि कहलाये,

शुभकारी फल देती मैय्या

शुभंकारी भी कहलाये।

रुप भयानक, डरावनी

पर भक्तों को नहीं कमी,

दुष्टों का विनाश है करती 

काल विनाशिनी माँ।

भूत प्रेत सब दूर रहे

अग्नि, जल,शत्रु का न भय,

ग्रहबाधा का नाश करे

कालरात्रि माँ।

एकनिष्ठ, नियम,संयम से

पवित्र मन,वाणी,काया से,

जो भी माँ का ध्यान करे

माँ उसकी बाधाओं का

पल भर में ही नाश करे।

शुभफल देने वाली

विघ्नबाधा को हरने वाली,

जय कालरात्रि माँ

जय विघ्नविनाशिनी माँ।

🖋 सुधीर श्रीवास्तव
         गोण्डा, उ.प्र.
      8115285921


Related Posts

व्यवधान- सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 17, 2021

व्यवधान व्यवधान अनेकों जीवन मेंरह-रह कर उपजा करते हैंहम मन को थोड़ा समझाते हैंऔर वक़्त से सुलहा करते हैं तनिक

महँगाई – डॉ. इन्दु कुमारी

December 17, 2021

महँगाई पर्याप्त नहीं है कमाई कमर तोड़ दी महँगाईजनता कर रही है त्राहिसुन लो सुनो रे मेरे भाई । चलें

प्रेरणा- अनीता शर्मा

December 16, 2021

प्रेरणा! मेरे जीवन की प्रेरणा स्रोत है आपका आशीर्वाद! हर पल राह दिखाई सच्ची,हर पल साथ तुम्हारा था! जब-जब मैं

इस दौर की नई बात- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

इस दौर की नई बात क्रांति की नींव माने जाने वाले आंदोलनऔर विरोध प्रदर्शनषड़यंत्र माने जाते रहें हैंहमेशा सेसरकारों के

गन्दा खेल- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

गन्दा खेल वोट तन्त्र में जनता के विचारों की रेलकुछ को पहुंचाती हैराजगद्दी परऔर कुछ को पहुंचादेती है सीधा जेल,

राष्ट्र की नारी – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

राष्ट्र की नारी साधारण -सी हूँ नारी भारत माँ की प्यारीराष्ट्र की राज दुलारीगाँधीजी के पदचिन्होंअहिंसा की हूँ पूजारी रश्मिरथी

Leave a Comment