Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priyanka_saurabh

Maa| माँ | maa par kavita

माँ |Maa Maa par kavita  माँ ममता की खान है,माँ दूजा भगवान है ।माँ की महिमा अपरंपार,माँ श्रेष्ठ-महान है ।। …


माँ |Maa

maa par kavita
Maa par kavita 

माँ ममता की खान है,
माँ दूजा भगवान है ।
माँ की महिमा अपरंपार,
माँ श्रेष्ठ-महान है ।।

माँ कविता, माँ है कहानी,
माँ है दोहों की जुबानी ।
माँ तो सिर्फ, माँ ही है
न हिन्दुस्तानी, न पाकिस्तानी ।।

माँ है फूलों की बहार,
माँ है सुरीली सितार ।
माँ ताल है, माँ लय है,
माँ है जीवन की झंकार ।।

माँ वेद है, माँ ही गीता,
माँ बिन ये जग रीता ।
माँ दुर्गा, माँ सरस्वती,
माँ कौशल्या, माँ सीता ।।

माँ है तुलसी की चौपाई,
माँ है सावन की पुरवाई ।
माँ कबीर की वाणी है,
माँ है कालजयी रूबाई ।।

माँ बगिया है, माँ कानन,
माँ बसंत-सी मनभावन ।
आखिर देवों ने भी माना,
माँ रूप है सबसे पावन ।।

माँ प्रेम की प्रतिमूर्ति,
माँ श्रद्धा की आदिशक्ति ।
माँ ही हज, माँ ही मदीना,
माँ से बड़ी न कोई भक्ति ।।

माँ है सृष्टि का आगाज,
माँ है वीणा की आवाज ।
माँ है मन्दिर, माँ मस्जिद,
माँ प्रार्थना, माँ है नमाज।।

माँ है गंगा-सी अनूप,
माँ धरती पे हरी धूब ।
माँ दुख हरण, माँ कल्याणी,
अजब निराले माँ के रूप ।।

(प्रियंका सौरभ के काव्य संग्रह ‘दीमक लगे गुलाब’ से।

About author 

Priyanka saurabh

प्रियंका सौरभ 

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,

कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/

twitter- https://twitter.com/pari_saurabh



Related Posts

यादें – जयश्री बिरमी

November 7, 2021

 यादें दिवाली तो वो भी थी जब ऑनलाइन शुभेच्छाएं दी थी हमने और एक ये भी हैं जब रूबरू हैं

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

Leave a Comment