Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Lena dena by Anita Sharma

 *लेना-देना लेना देना लगा है जग में, क्या तू साथ ले जायेगा। जैसा कर्म करेगा वैसा प्रारब्ध पायेगा, सूझ-बूझ रख …


 *लेना-देना

Lena dena by Anita Sharma

लेना देना लगा है जग में,

क्या तू साथ ले जायेगा।

जैसा कर्म करेगा वैसा प्रारब्ध पायेगा,

सूझ-बूझ रख कर्म करे जा जग में ।

सब ईश्वर की माया है ,

जो देगा वो लेगा जग से।

यही तो लेना-देना जग में ,

स्व-नियंत्रण रखकर जीना।

भौतिकता में न जकड़ना ,

आत्मबोध को पाना है।

भ्रमित न जग में तू भटकना ,

सत्कर्मों को संजो कर बढना।

सृष्टि का नियम यही है ,

जो लेगा जग से वो देना है।

यही तो लेना-देना जग में,

हर कर्म का फेरा है जग में।

सुख बाँटोगे,सुखी रहोगे,

दुःख का दलदल दर्द-दरिया।

लेना-देना जग में बंदे ,

साथ साथ ही जाना है।

——अनिता शर्मा झाँसी

——-स्वमौलिक रचना


Related Posts

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

January 16, 2022

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

January 16, 2022

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो

January 16, 2022

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो,दिन ढले तो

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

January 16, 2022

कविता सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहींहम क्या जाने हमारे लिए हमारी

पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान

January 16, 2022

कवितापांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ हित धारकों का इंतजार खत्म हुआ पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी

Leave a Comment