Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Lekh kab milegi suraksha betiyon tumhe by jayshree birmi

 कब मिलेगी सुरक्षा बेटियों तुम्हे गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई ये तो कहावत हैं ही अब क्या ये …


 कब मिलेगी सुरक्षा बेटियों तुम्हे

Lekh kab milegi suraksha betiyon tumhe  by jayshree birmi

गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई ये तो कहावत हैं ही अब क्या ये भी कहावत बनेगी,गरीब की छोरी ,

ले जाए कोई भी चोरी?

  ९ साल की बच्ची को उसके दादा–नाना की उम्र के लोगो ने कुकर्म किया ये अपनी सोसायटी के लिए शर्मनाक ,बहुत ही शर्मनाक हैं।एक ६३,दूसरा ४८, तीसरा ४९ की उम्र के ,इनकी रूह जरा भी कांपी नहीं होगी ,क्या उनके अपने घर की बच्चियों की याद नहीं आई होगी? जला दिया उस बदनसीब की देह को बिना मां या बाप की इजाजत के ऐसे नराधम लोगो को जीने का क्या अधिकार हैं,कौनसी सजा होगी जो इस कमी लोगो के कर्म के बराबर होगी,कौनसा दर्द दिया जाएं जो कि उस नाबालिग के दर्द का एहसास उनको भी हो! अब होंगी जांचें,बनेगी कमिटियां और खेलेंगे राजनीति,सेकेंगे अपनी राजनैतिक रोटियां जीतने आने वाले चुनाव को ,पर क्या न्याय मिलेगा मासूम की रूह को?जैसे आतंकवादी की जात नहीं होती वैसे ही बलात्कारी की भी जात नहीं होती,ये सिर्फ हैवान ही हैं।उनके लिए तो नर्क के भी द्वार बंद हो जाएंगे मरने के बाद।

 चाहे उसकी जांच हो या  न हो , होगा पोस्टमार्टम उसके बचे अंगो का पर क्या निकाल पाओगे जांच में से इस कुकर्म की दर्दनाक दास्तान,सब ही साफ निकल जायेंगे कानून के छिद्रों से ,जैसे निर्भया के बलात्कारी,जो बलात्कार कर सकता है वो कैसे नाबालिग हुआ? निकल आयेंगे इनके लिए भी कानूनसाज  इन हैवानों को बचाने के लिए।क्यों कानून नहीं बनता कि  इस प्रकार के केस में कोई वकील न मिले,कोई वकालत नहीं कर पाए,या फिर वकील लोग नैतिकता के आधार पर केस ही ले नहीं।

 समाज को भी  ऐसे वकीलों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।अगर समाज में जागृति आयेगी तो लोग भी डरेंगे ऐसा काम करने से।आज ये बच्ची के साथ जो हुआ वह कल किसी की भी बच्ची के साथ हो सकता हैं।

   अपने बच्चो को भी ऐसी शिक्षा देनी चाहिए की ऐसे नाराधामो से दूर रहे,सिर्फ लड़कियां नहीं लड़कों को भी ऐसे नाराधामों से बचना सीखना चाहिए। सरकार को भी  ऐसे अपराधो को रोक ने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाने चाहिए ताकि ऐसे काम करने वाले सजा के डर बाज आएं। 

जयश्री बिर्मि

निवृत्त शिक्षिका

अहमदाबाद


Related Posts

दे दाता के नाम तुझको अल्ला रखे

January 19, 2023

 दे दाता के नाम तुझको अल्ला रखे आंखें हिंदी चलचित्र था जो बचपन में देखा था जिसकी याद आज समाचारों

बड़वा का प्राचीन झांग-आश्रम जहां बादशाह जहांगीर ने डाला था डेरा

January 19, 2023

बड़वा का प्राचीन झांग-आश्रम जहां बादशाह जहांगीर ने डाला था डेरा 1620 ईसवी के आस -पास मुग़ल बादशाह (सलीम) जहांगीर

‘गोल’ माल: पेले और पालेकर |Golmal : pele aur palekar

January 15, 2023

‘गोल’ माल : पेले और पालेकर दिसंबर के अंतिम सप्ताह में, फुटबाल के खेल में दंतकथा स्वरूप ब्राजिलियन फुटबालर एडिसन

धैर्य | dhairya

January 15, 2023

धैर्य बचपन से सुनते आएं हैं धैर्य से काम लो तो फल जरूर मिलेंगे।आजकल के ज़माने में धैर्य खत्म होता

भारतीय कौशल नारी सब पर भारी

January 15, 2023

भारतीय कौशल नारी सब पर भारी आओ नारी शक्ति को भारत की सफ़लता की गाथा बनाएं नारी शक्ति को भारत

हिन्दी हमारी कितनी? | Hindi hamari kitni?

January 13, 2023

हिन्दी हमारी कितनी? हिंदी दिवस की शुभकामनाएं के अनगिनत msg पाएं किंतु कैसे छुड़वा पाएंगे अंग्रजी के पाश से? Msg

PreviousNext

Leave a Comment