Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Lekh ek pal by shudhir Shrivastava

 लेख *एक पल*         समय का महत्व हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है।इसी समय का सबसे …


 लेख
 *एक पल* 

Lekh ek pal by shudhir Shrivastava

       समय का महत्व हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है।इसी समय का सबसे छोटा हिस्सा है “पल”।कहने सुनने और करने अथवा महत्व देने में अधिकांशतः हम लापरवाही में ,भ्रमवश भले ही एक पल को अधिक भाव नहीं देते,परंतु हम सबको कभी न कभी इस एक पल के प्रति अगंभीरता, लापरवाही अथवा अनजानी भूल की भारी कीमत चुकानी पड़ जाती है। बहुत बिर मात्र एक पल के साथ कुछ ऐसा हो जाता है कि उसका विस्मरण असंभव सा होता है। वह अच्छा और खुशी देने वाला भी हो सकता है और टीस देता रहता ग़म भी।

     उदाहरण के लिए एक पल की देरी से ट्रेन छूट जाती है, एक पल की लापरवाही या मानवीय भूल बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है, धावक विजयी हो जाता है और नहीं भी होता। एक पल में लिए निर्णय से जीवन की दशा और दिशा बदल जाता ।बहुत बार एक पल के आगे या पीछे के निर्णय अविस्मरणीय खुशी या ग़म तक दे जाते हैं। एक पल में ही दो अनजान शख्स जीवन के अटूट बंधन में बंधकर पति पत्नी बन जीवन भर निभाते जिंदगी गुजार देते हैं। एक पल में ही रिश्ते बनते भर ही नहीं हैं बहुत बार बिखर भी जाते है। सबसे अहम तो यह है कि जीवन की ड़ोर भी तो एक मात्र पल में छूट जाती है और इस पल में जीवित प्राणी मृतक कहलाने लगता है।

    आशय सिर्फ़ इतना है कि हर एक पल का अपना महत्व है और इस एक पल को नजरअंदाज करना कभी भी किसी पर भी भारी पड़ सकता है। जिसका हमारे आपके जीवन में दूरगामी परिणाम भी अवश्यंभावी है। इसलिए एक पल की महत्ता को लापरवाही में नजरअंदाज करना हम सबकी भूल ही कहा जायेगा।

■ सुधीर श्रीवास्तव

       गोण्डा, उ.प्र.

©मौलिक, स्वरचित,अप्रकाशित


Related Posts

यूपीआई लेनदेन पर शुल्क का ब्रेन गेम

April 10, 2023

यूपीआई लेनदेन पर शुल्क का ब्रेन गेम यह सलाह दी जाती है कि “मदर थेरेसा” न बनें और अपने बैंक

सेक्स के पहले ही नहीं, सेक्स के बाद भी हाइजीन का ध्यान रखें

April 10, 2023

सेक्स के पहले ही नहीं, सेक्स के बाद भी हाइजीन का ध्यान रखें हमेशा सेक्सुअली ऐक्टिव कपल्स को यूटीआई और

बयानों, तकरारों में मधुर वाणी का उपयोग करें

April 10, 2023

आओ बयानों, तकरारों में मधुर वाणी का उपयोग करें कमान से निकला तीर और मुख़ से बोले शब्द कभी वापस

भारत और भूटान: सदियों पुराने मित्र भाईचारे का प्रमाण

April 10, 2023

 भारत और भूटान: सदियों पुराने मित्र भाईचारे का प्रमाण एक मित्रवत और मददगार पड़ोसी के रूप में भारत भूटान की

ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए एक उमंग –डॉ. रणजीत सिंह फुलिया

April 10, 2023

ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए एक उमंग –डॉ. रणजीत सिंह फुलिया सन 2004 में नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर

निरंकुश उन्मुक्तता को कैसे थामें

April 10, 2023

निरंकुश उन्मुक्तता को कैसे थामें धर्म और संस्कार की नींव पर खड़ा हिंदुस्तानी समाज एक तहजीब और संस्कारी,शिष्ट गिना जाता

PreviousNext

Leave a Comment