Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Kitne ravan jalayenge hum ? By Jayshree birmi

 कितने रावण जलाएंगे हम? कईं लोग रावण को महान बनाने की कोशिश करतें हैं,यह कह कर माता सीता के हरण …


 कितने रावण जलाएंगे हम?

Kitne ravan jalayenge hum ? by Jayshree birmi

कईं लोग रावण को महान बनाने की कोशिश करतें हैं,यह कह कर माता सीता के हरण के बाद भी उसने  उनकी पवित्रता को  ललकारा नहीं।अगर वह इतना चरित्रवान होता तो क्यों करता सीता हरण?वह तो मां सीता के चरित्र्य के तेज का असर था जो एक तृण के सहारे से वह उनके पास फटक नहीं पाया।मनुष्य न देव हैं और नहीं दानव ,मनुष्य में देव और दानव दोनों के गुण हैं।ये मनुष्य को खुद तय करना पड़ता हैं कि अपने  चरित्र्य के किस पहलू को उजागर करें , दैवीय गुणों का विकास करें या दानवीय!

पास के इतिहास को ही देखें तो रानी पद्मावती को खिलजी ने की बेइज्जत किया और अपने शील की रक्षा के लिए पद्मावती और दुसरे १५०० महिलाओं को जौहर कर अपनी जान की बलि चढ़ा पड़ी।आज भी कितनी ही युवतियां हैं जो अपने ही घर,पास पड़ोस,कार्यालय या जहां काम करती हैं वहां अपने आप को  कितना सुरक्षित रख सकती हैं ये एक सामाजिक प्रश्न हैं ।ये  व्यवहार ही अपने समाज का सामाजिक स्तर दिखता हैं।पहले और आज भी कईं लोग महिलाओं का बाहर जा के  आर्थिक प्रवृति करने के विरुद्ध हैं, जिसका  कारण  उनकी सुरक्षा हैं न की पिछड़ापन।क्यों पुरुष समाज का नजरिया महिलाओं के प्रति गलत सोच वाला हैं।क्यों एक ही नजर से देखा जा रहा हैं उसे।एक ही रिश्ता हैं क्या पुरुष और स्त्री का।वह एक अच्छी मित्र,बहन,सहायक , सहकर्मी या कुछ और नहीं बन सकती सिर्फ भोग्या बनकर रह जाती हैं?एक बार महिला को मान दे के तो देखें,वह सम्मान दे जिसकी वह हकदार हैं। न ही उससे भद्दे मजाक करें और उसी नज़र से देखे जिसके वह लायक हैं।कई महिलाएं भी कुछ अलग मिजाज रखती हैं लेकिन सभी महिलाओं के साथ उनकी तुलना नहीं कर एक व्यक्तिगत नजरियें की जरूरत हैं,उनको जज करने की बजाय उन्हें साथ दें,अपने से हीन न समझे क्योंकि वही हैं जिसे भगवान को भी मुसीबत के समय में साथ दे मदद की हैं और नौदुर्गा कहलाई हैं।

कभी मंदिर में  या गरबा खेलती महिलाएं देख कैसी कैसी हीन टिप्पणियां की जाते हैं ये हम सभी जानते हैं।क्यों न अपनी मानसिकता को सुधारा जाएं क्यों न स्त्री को सम्मान  दे उसे निर्भया जैसे कांडो से बचाया जाएं। जहां भी देखो महिला सशक्तिकरण की बातें होती हैं,सरकार कानून तो बना देती हैं लेकिन जनमानस को कैसे सुधरेगी।कई कानून बने हैं महिलाओं के लिए किंतु कितने कारगर हैं ये प्रश्न थोड़ा जटिल हैं।

रावण दहन एक प्रतीक हैं,महिलाओं का सम्मान नहीं करने वालों के प्रति जनमानस का गुस्सा ही उसे जला देता हैं।अब समय आ गया हैं कि अनाचारियों को उनके किए की सजा दी जाएं।रावण को सदा के लिए जलाया जाए ऐसी प्रतिज्ञा से रावण दहन करें हम।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

गैस पीड़ितों के साथ केंद्र और राज्य सरकार को भी तगड़ा झटका – सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटीशन खारिज

March 15, 2023

टूट गई सारी उम्मीदें गैस पीड़ितों के साथ केंद्र और राज्य सरकार को भी तगड़ा झटका – सुप्रीम कोर्ट से

पॉलिटिकल साइंस बनाम पब्लिक साइंस| political science vs public science

March 15, 2023

सब राज़नीति है और कुछ नहीं! पॉलिटिकल साइंस बनाम पब्लिक साइंस हर जगह बात यहीं समाप्त होती है कि, राजनीति

तपती धरती, संकट में अस्तित्व | Earth warming, survival in trouble

March 15, 2023

तपती धरती, संकट में अस्तित्व भारत में, 10 सबसे गर्म वर्षों में से नौ पिछले 10 वर्षों में दर्ज किए

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ भारत की लड़ाई| India’s fight against plastic pollution

March 15, 2023

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ भारत की लड़ाई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जी20 देशों में प्लास्टिक की खपत 2050 तक

आध्यात्मिकता से जुड़कर हेट स्पीच, अनैतिक आचरण को दूर भगाएं

March 13, 2023

आओ हेट स्पीच को छोड़, मधुर वाणी का उपयोग करें आध्यात्मिकता से जुड़कर हेट स्पीच, अनैतिक आचरण को दूर भगाएं

क्या अब प्यार और संबंध भी डिजिटल हो जाएंगे

March 13, 2023

क्या अब प्यार और संबंध भी डिजिटल हो जाएंगे मनुष्य के बारे में कहा जाता है कि वह सामाजिक प्राणी

PreviousNext

Leave a Comment