Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Khuda bhi aajkal khud me he pareshan hoga

खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा ऊपर से जब कभी …


खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा

Khuda bhi aajkal khud me he pareshan hoga

खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा

ऊपर से जब कभी वो  देखता इन्सान  होगा ।

किस वास्ते  थी बनाई कायनात के साथ हमें

और क्या हम बनकर हैं सोंचकर हैरान होगा ।

किया था मालामाल हमें  दौलत-ए-कुदरत से

सोंचा था कि जीना हमारा बेहद आसान होगा ।

खूबसूरती अता की   थी धरती को बेमिसाल

क्या पता था कि हिफाज़त में  बेईमान होगा ।

दिलो-दिमाग   दिये थे मिलजुलकर रहने को

इल्म न था लड़ने को हिन्दु  मुसलमान होगा ।

खुदा तो खैर  खुदा है लाजिमी है दुखी होना

देख कर हरक़तें हमारी शर्मिन्दा शैतान होगा ।

-अजय प्रसाद


Related Posts

इंसान और शैतान- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

इंसान और शैतान शरीर एक सा ही है,सत्य, स्नेह, शांति और भाईचारे मेंविश्वास रखने वाला‘इंसान’ हो जाता हैऔरझूठ, घृणा, कलह

कितना मुश्किल है गांधी बनना- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

कितना मुश्किल है गांधी बनना कितना आसान है!किसी से नाराज होने परउसके अहित की कामना करना,किसी से अपना मत भिन्न

दोमुंहे सांप- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

दोमुंहे सांप वो लोगजो जहर उगलते हैंसार्वजनिक मंचों पर हर समयदूसरों के लिए,होते होंगे क्या इतने ही जहरीलेअपनी निजी जिंदगी

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ गौरवशाली दिन है यहबड़ी धूमधाम से इसे मनाओ,मायने इसके सही समझकरखत्म होने से इसे बचाओ।लूटतंत्र

आसान रास्ता- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

आसान रास्ता वक्त ज्यादा लगता है,जुनून ज्यादा लगता है,प्रतिभा ज्यादा लगती है,साल दर साल मेहनत करकेएक नया एवं बेहतर इतिहास

वो तैयार बैठी हैं अब- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

वो तैयार बैठी हैं अब लोकतंत्र में…चुनी गईं सरकारेंजनता की आवाज उठाने के लिए,निरंकुश हो,तैयार बैठी हैं अबजनता की ही

Leave a Comment