Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Khuda bhi aajkal khud me he pareshan hoga

खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा ऊपर से जब कभी …


खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा

Khuda bhi aajkal khud me he pareshan hoga

खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान  होगा

ऊपर से जब कभी वो  देखता इन्सान  होगा ।

किस वास्ते  थी बनाई कायनात के साथ हमें

और क्या हम बनकर हैं सोंचकर हैरान होगा ।

किया था मालामाल हमें  दौलत-ए-कुदरत से

सोंचा था कि जीना हमारा बेहद आसान होगा ।

खूबसूरती अता की   थी धरती को बेमिसाल

क्या पता था कि हिफाज़त में  बेईमान होगा ।

दिलो-दिमाग   दिये थे मिलजुलकर रहने को

इल्म न था लड़ने को हिन्दु  मुसलमान होगा ।

खुदा तो खैर  खुदा है लाजिमी है दुखी होना

देख कर हरक़तें हमारी शर्मिन्दा शैतान होगा ।

-अजय प्रसाद


Related Posts

मतदाता जागरूकता पर कविता

March 25, 2022

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे

सुहानी शाम- डॉ इंदु कुमारी

March 25, 2022

सुहानी शाम जिंदगी में सुरमईशाम आ जाएउदासी की समंदर मेंएक उफान आ जाएदुख भरी दिनों में भीसुर्ख होठों परमुस्कान आ

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

March 25, 2022

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

सफर- मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी”

March 25, 2022

सफर “जिंदगी का सफर”पेड़ की छाया जिस तरह इधर से उधर जाती है ।आदमी की जिंदगी भी सुख-दुख में कट

कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी

March 25, 2022

कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

March 25, 2022

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो

Leave a Comment