Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Khamoshiyan bolti hai by Jitendra Kabir

 खामोशियां बोलती हैं  यह सच है कि तुम बोलते कुछ नहीं बस तुम्हारी खामोशियां बोल जाती हैं सामने आते हो …


 खामोशियां बोलती हैं 

Khamoshiyan bolti hai by Jitendra Kabir

यह सच है कि तुम बोलते कुछ नहीं

बस तुम्हारी खामोशियां बोल जाती हैं

सामने आते हो मेरे जब भी कभी

होंठों पे हल्की सी मुस्कान खेल जाती है।

मन में चलता है तुम्हारे द्वंद कि क्या करें

किस तरीके से बात हम तक पहुंचाएं

फिर इस चिंता में जज्ब करते हो खुद को

कि कहीं बात जमाने में न खुल जाए।

और इधर मैं कहता हूं कि तांडव अगर

 होना है तो आज, इसी वक्त हो जाए

छिन्न- भिन्न हों सृष्टि के सारे कायदे

प्रलय में भी प्रेम की फसल लहलहाए।

                                जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति- अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

इंसान और शैतान- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

इंसान और शैतान शरीर एक सा ही है,सत्य, स्नेह, शांति और भाईचारे मेंविश्वास रखने वाला‘इंसान’ हो जाता हैऔरझूठ, घृणा, कलह

कितना मुश्किल है गांधी बनना- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

कितना मुश्किल है गांधी बनना कितना आसान है!किसी से नाराज होने परउसके अहित की कामना करना,किसी से अपना मत भिन्न

दोमुंहे सांप- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

दोमुंहे सांप वो लोगजो जहर उगलते हैंसार्वजनिक मंचों पर हर समयदूसरों के लिए,होते होंगे क्या इतने ही जहरीलेअपनी निजी जिंदगी

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ गौरवशाली दिन है यहबड़ी धूमधाम से इसे मनाओ,मायने इसके सही समझकरखत्म होने से इसे बचाओ।लूटतंत्र

आसान रास्ता- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

आसान रास्ता वक्त ज्यादा लगता है,जुनून ज्यादा लगता है,प्रतिभा ज्यादा लगती है,साल दर साल मेहनत करकेएक नया एवं बेहतर इतिहास

वो तैयार बैठी हैं अब- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

वो तैयार बैठी हैं अब लोकतंत्र में…चुनी गईं सरकारेंजनता की आवाज उठाने के लिए,निरंकुश हो,तैयार बैठी हैं अबजनता की ही

Leave a Comment