kavya shahar chod chale by sudhir srivastav
शहर छोड़ चले तुम्हारे प्यार का सुरूर ऐसा था कि हम तुम्हारे शहर आ गये, तुमसे मिलने की ख्वाहिश तो …
Related Posts
जीवनपथ – भारती चौधरी
November 7, 2021
जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध
बादल – चन्दा नीता रावत
November 7, 2021
।। बादल ।। !! बादल तेरी अनोखी कहानी कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली नयन सुख मिल जानी
Barood par masoom by Anita sharma
November 7, 2021
बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर
गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी
November 7, 2021
गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु की दुआ माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें दे
कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक
November 7, 2021
कविता : न देना दिल किसी को न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से , छीन
जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी
November 7, 2021
जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट
