Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavya Purvagrah by sudhir Srivastava

 पूर्वाग्रह हमने समझा जिसे साधू वो तो शैतान निकला, दुत्कारा था जिसे उस दिन बहुत इंसानरुपी वो तो भगवान निकला। …


 पूर्वाग्रह

kavya Purvagrah by sudhir Srivastava

हमने समझा जिसे साधू

वो तो शैतान निकला,

दुत्कारा था जिसे उस दिन बहुत

इंसानरुपी वो तो भगवान निकला।

आँखें खूल गयीं मेरी

उतर गया पूर्वाग्रह का बुखार,

समझ एक झटके में आ गया मेरे

पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर

न किसी का आँकलन कर।

आप भी संदेश मेरा साफ सुन लो

पूर्वाग्रहों से दूरी बनाकर चलो,

पूर्वाग्रह से ग्रसित 

किसी को बदनाम मत करो।

आँखें बंदकर न किसी पर

विश्वास ही करना,

बिना जाने ,बिना समझे,बिना परखे

किसी को दोस्त, दुश्मन 

या हमदर्द न समझना।

सच कहूँ तो पूर्वाग्रह

ऐसी बीमारी है,

जो औरों पर शायद कम

हम पर ही पड़ती भारी है।

● सुधीर श्रीवास्तव

      गोण्डा, उ.प्र.

   8115285921

©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

jitendra kabir ki kavitayien champa hp

July 23, 2021

जितेंद्र  कबीर की कविताएँ   इंसान को इंसान से तो मिलाया होशो-हवास में अक्सर दूसरे धर्म के लोगों के खिलाफ नफरत

Meri abhilasha kavita by sudhir Srivastava

July 23, 2021

 मेरी अभिलाषा मेरे मन की यह अभिलाषा पूरी हो जन जन की आषा, मिटे गरीबी और निराशा संस्कार बन जाये

Yadon ka sahara by hare Krishna Mishra

July 23, 2021

 यादों का सहारा अपराधी मैं तेरा हूं , सजा चाहे जो भी दो, नहीं शिकवा नहीं गिला, आंशू तो हमारे

tum mere ho kavita by Anita Sharma jhasi

July 23, 2021

 तुम मेरे हो कहाँ खो गये गिरधारी। मोर मुकुट,बंसीवाले। ग्वाले ,गोपियाँ सब रीझे, पर….तुम मेरे हो गिरधारी। कब से बाँट

Ganga kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 गंगा तू कितनी निर्मल है,तू कितनी पावन है। अमृत की धारा है,कि पुण्य फल दाता है। कितनो के माँ पाप

beshumar pyar kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

  बेशुमार प्यार तुम को हम बतलाये कैसे, बेशुमार प्यार हम करते हैं। तुम बिन जीवन जीने का, स्वप्न में

Leave a Comment