Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavitaon ke aor by priya gaud

 “कविताओं के ओर” खोजें नही जाते कविताओं और कहानियों के ओर ये पड़ी रहती है मन के उस मोड़ पर  …


 “कविताओं के ओर”

kavitaon ke aor by priya gaud

खोजें नही जाते कविताओं और कहानियों के ओर

ये पड़ी रहती है मन के उस मोड़ पर 

जो बेढंगी तरीके चलती ही रहती है 

जो खाली न हुआ कभी संवेदनाओं के शहर से

जो भागता रहा गली, कूँचे, शहर और जंगलों में

जो गोते लगा रहा भावनाओं के तालाब में

जो समझता रहा अपना और तुम्हारा अंतर्मन

कभी खाली नही होता अंतर्मन ढ़ेरो लेखों से

कभी निर्जन नही होते अंतर्मन के जंगल

कभी दरारें नही पड़ती जहां भरा हो मीठा जल

मन कभी खाली नही रहता लोगो की पसन्द से

ये बस जंगल ,पहाड़,पानी,हवा से होते हुए 

पहुँचते है अपने और लोगो के मन तक

जो जोड़ता जाता है उन्हें उनके अतीत और भविष्य से

नही है कोई ओर न कोई छोर ये है चलता अंतर्मन……

@प्रिया गौड़


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

कविता-दर्द ने दस्तक दी

May 6, 2022

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस

PreviousNext

Leave a Comment