Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavitaon ke aor by priya gaud

 “कविताओं के ओर” खोजें नही जाते कविताओं और कहानियों के ओर ये पड़ी रहती है मन के उस मोड़ पर  …


 “कविताओं के ओर”

kavitaon ke aor by priya gaud

खोजें नही जाते कविताओं और कहानियों के ओर

ये पड़ी रहती है मन के उस मोड़ पर 

जो बेढंगी तरीके चलती ही रहती है 

जो खाली न हुआ कभी संवेदनाओं के शहर से

जो भागता रहा गली, कूँचे, शहर और जंगलों में

जो गोते लगा रहा भावनाओं के तालाब में

जो समझता रहा अपना और तुम्हारा अंतर्मन

कभी खाली नही होता अंतर्मन ढ़ेरो लेखों से

कभी निर्जन नही होते अंतर्मन के जंगल

कभी दरारें नही पड़ती जहां भरा हो मीठा जल

मन कभी खाली नही रहता लोगो की पसन्द से

ये बस जंगल ,पहाड़,पानी,हवा से होते हुए 

पहुँचते है अपने और लोगो के मन तक

जो जोड़ता जाता है उन्हें उनके अतीत और भविष्य से

नही है कोई ओर न कोई छोर ये है चलता अंतर्मन……

@प्रिया गौड़


Related Posts

avani kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

अवनी चहक रहे खग वृन्द सभी  झूम रही लतिका उपवन में। शीतल हवा बही सुखदाई अनुपम छटा मनोहर छाई। *

shrafat kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 शराफत शराफत से जीने का मजा कुछ और है यारों। नहीं पैसा नहीं गाड़ी पर इज्जत बेशुमार है। चेहरे पर

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 जीत निश्चित है– लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो। दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ। व्यवधान बहुत

varun kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

  वरुण वरूण वरूण पुकार रही थी, कहीं न मिलता मुझको । तभी आसमान ने बोला आकर , लाकडाऊन है

ekakai pal kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

*एकाकी पल* वीरानियो में भी सबक मिलते हैं। जिन्दगी के तजुर्बे -सलीके मिलते हैं।। वहीं शान्ति से खुद को समझूँ

megha kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 मेघा मेघा छाये मन ललचाये , उमस गर्मी भी झुलसाये । तरसाते मेघा घिर-घिर कर , आसमान में छाते तो

Leave a Comment