Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita-wo jamana by sudhir srivastav

वो जमाना आज जब अपनेपिताजी की उस जमाने कीबातें याद आती हैं,तो सिर शर्म से झुक जाता है।माँ बाप और …


वो जमाना

kavita-wo jamana by sudhir srivastav


आज जब अपने
पिताजी की उस जमाने की
बातें याद आती हैं,
तो सिर शर्म से झुक जाता है।
माँ बाप और अपने बड़ों से
आँख मिलाने में ही
डर लगता था,
उनकी किसी बात को
नकारने की बात सोचना भी
सपना लगता था।
घर में भी अपने बड़ों के
बराबर बैठना सिर्फ़
सोचना भर था,
अपने लिए कुछ कहना भी
कहाँ हो पाता था।
बस चुपके से धीरे से
अपनी बात दादी, बड़ी माँ या माँ से
कहकर भी खिसकना पड़ता था।
रिश्तों के अनुरूप ही
सबका सम्मान था,
परंतु हर किसी के लिए
हर किसी के मन
खुद से ज्यादा प्यार था।
उस समय दूश्वारियां भी
आज से बहुत ज्यादा थीं,
परंतु प्यार, लगाव, सबकी चिंता
हर किसी के ही मन में
हजार गुना ज्यादा थीं।
आज भी मुझे इसका अहसास है
क्योंकि मैंने भी ऐसा ही
काफी कुछ देखा है,
अपने बाप को बड़े बाप के सामने
सदा खड़े ही जो देखा है।
बच्चे जवान हो गये
मगर बड़े बाप से नजरें मिलाने
बराबर बैठकर बात करने में भी
काँप जाता हाँड है,
बड़ी माँ ही अभी भी
हमारी सूत्रधार हैं।
हमारे बाप हमारे साथ नहीं हैं
पर हमने उनकी सीख को
जिंदा कर रखा है,
परंतु सोचता हूँ आज को देखकर
तो ये सब मात्र किस्सा लगता है।
👉 सुधीर श्रीवास्तव
         गोण्डा, उ.प्र.


Related Posts

Rakshabandhan by Anita Sharma

August 25, 2021

 रक्षाबंधन सालभर के इन्तजार के बाद  आता राखी का त्यौहार है। रेशम के धागों में सजता  भाई-बहिन का प्यार है।

Bhookh by Anita Sharma

August 25, 2021

 भूख भूख की आग से तड़पता है कि भिखारी हाथ फैलाए भीख मांगता। कहीं कचड़े में कोई जीर्ण शीर्ण सा

Samaj ki tasveer by Sudhir Srivastava

August 25, 2021

 समाज की तस्वीर समाज की तस्वीर का बखान क्या करें साहब ? समाज कोई वस्तु तो है नहीं जो किसी

Rakhi ka tyohar by indu kumari

August 25, 2021

 राखी का त्योहार राखी का त्योहार हम मनाएं रे उमंग भरी है मन में मिलकर गाएं रे बचपन की तकरार

Sabaka apna mahatva hai by Jitendra Kabeer

August 22, 2021

 सबका अपना महत्व है किसी क्षेत्र में कामयाब होने के लिए इंसान को जितनी बड़ी भूमिका किसी का प्रोत्साहन निभाता

Sangharsh akela hota hai by Jitendra Kabeer

August 22, 2021

 संघर्ष अकेला होता है उस वक्त साथ नहीं थे बहुत से लोग शायद जानते भी न हों उनका नाम, खेलों

Leave a Comment