Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

Kavita : Virasat | विरासत

विरासत युद्ध और जंग से गुजरतेइस दौर में – सड़कों पर चलतेएंटी माइनिंग टैंकों औरबख्तरबंद गाड़ियों की आवाज़ों के बीच- …


विरासत

Kavita : Virasat | विरासत

युद्ध और जंग से गुजरते
इस दौर में –

सड़कों पर चलते
एंटी माइनिंग टैंकों और
बख्तरबंद गाड़ियों की आवाज़ों के बीच-

स्कूलों पर गिरती मिसाइलों से
धराशायी होती इमारतों में
मासूमों की चीख पुकार के बीच-

आसमान में उड़ते
अचूक फाइटर जहाजों की
कर्णभेदी ध्वनि के बीच –

ढहे हुए घरों की छत में दबे
किसी बुजुर्ग के हाथों में
अपने जीवनसाथी की निशानी थामे
मिली लाशों की तस्वीरों के बीच –

अपने अपने घरों को छोड़
रास्तों पर मीलों चलते
लाखों विस्थापितों के
मौन संवादों के बीच –

जब हर कहीं
मज़हबी नफ़रतों के उन्माद स्वर
गूंज रहे हैं,
आने वाली पीढ़ियों के लिए
जो एक सबसे अच्छी विरासत
सहेजी जा सकती है,
वो इसी शहर के किसी बंकर में
भरी आंखों से विदा लेती
एक प्रेयसी की मुस्कान है !!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur 
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13


Related Posts

मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna

मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna

May 26, 2024

मन से कभी न हारना मन के हारे हार है और मन के जीते जीत मन से कभी नहीं हारना,सुन

मीठे वचन | meethe vachan

मीठे वचन | meethe vachan

May 26, 2024

मीठे वचन मीठे वचन सभी को प्यारे मीठे वचन सदा ही बोलो। मीठे वचन हैं बहुत सुहाते, कानों में मिश्री

पापा की परछाई | Papa ki parchhayi

पापा की परछाई | Papa ki parchhayi

May 26, 2024

पापा की परछाई पापा ये कभी कह नहीं पाते, कितना प्यार है लाडले बेटे से। देखें हर दम अपनी परछाईं

परीक्षा का परिणाम | pariksha ka parinam

March 31, 2024

परीक्षा का परिणाम परीक्षा कक्ष में होता देखो,कितना अजीब नज़ारा है,प्रश्न पत्र के इंतजार में बैठे थेबच्चे, कैसे -कैसे भाव

सफलता सांझी है | safalta saanjhi hai

March 28, 2024

सफलता सांझी है मत भूल सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है ।मां -बाप और बच्चे सांझे है,कुछ रिश्ते

जीवन को सफल बनाना है | jeevan ko safal banana hai

March 28, 2024

जीवन को सफल बनाना है निंदा, चुगली का ज़हर,ना जीवन में घोलो,यही तो है रिश्तों में दीमक,इन से बस तौबा

Leave a Comment