Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kavita thoda sa chintan by Jitendra kabir

 थोड़ा सा चिंतन बहुत बातें हो गई हों अगर पैट्रोल के दाम पैंतीस रुपए पर लाने की, तो थोड़ा सा …


 थोड़ा सा चिंतन

Kavita thoda sa chintan by Jitendra kabir


बहुत बातें हो गई हों अगर

पैट्रोल के दाम पैंतीस रुपए पर लाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

उसके सौ पार जाने पर हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

रसोई गैस मुफ्त में बांटे जाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

सब्सिडी चुपचाप खत्म किए जाने पर हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

गरीबों को मुफ्त चावल दिए जाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

खाद्य तेलों के बेलगाम दामों पर हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

जी.एस.टी. के फायदे गिनाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

चौतरफा टैक्स की मार पर हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

विदेशों से काला धन वापस लाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

लोगों के सफेद धन से हाथ धो बैठने की हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

आत्मनिर्भर भारत बनाने की,

तो थोड़ा सा चिंतन

लघु मंझोले उद्यमों की खस्ता हालत पर हो जाए।

बहुत बातें हो गई हों अगर

विश्व गुरु बन छवि अपनी चमकाने की

तो थोड़ा सा चिंतन

रोज हजारों में जान गंवाते इंसानों पर हो जाए।

                                                  जितेन्द्रकबीर

                                                  

साहित्यिक नामजितेन्द्रकबीर

संप्रतिअध्यापक

पताजितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश



Related Posts

क्रिसमस-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 25, 2021

क्रिसमस! क्रिसमस है  एक प्रसिद्ध त्योहार, सैंटा क्लॉस जी का हर बच्चा करता है इंतजार, 25 दिसंबर को मनाया जाता

तुम देना साथ सदा-नंदिनी लहेजा

December 23, 2021

तुम देना साथ सदा। नन्हा सा अंकुर बन जब, मैं मातृगर्भ में आया। मेरे अस्तित्व को सींचा माँ ने, था

ठिठुरता ठंड – डॉ इंदु कुमारी

December 23, 2021

ठिठुरता ठंड कंपकपाती ये रातें सिसकती रही यादेंठिठुरते हुए ठंड की बीत गयी रे बचपनआ गयी बर्फीली सीजर्रा -जर्रा हिलानेथरथराती

मशवरा- R.S.meena indian

December 23, 2021

मशवरा इशारों में मुझकों बुलाती है,मगर जाने का नही ।अपना उश्शाक बनाती हैं,उधर जाने का नही ।। इश्क़ में खो

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी- सुधीर श्रीवास्तव

December 23, 2021

 पुण्य तिथि विशेषआचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी दौलतपुर ग्राम रायबरेली जनपद मे पाँच मई अठारह सौ चौसठ मेंपं. रामसहाय द्विवेदी के

कविता-नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 23, 2021

नई शुरुआत! सब बिखर गया तो क्या हुआ,समेटने का दम रखते हैं,चलो करे नई शुरुआत,जिंदगी में फिर से नई शुरूवात

Leave a Comment