Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita Surma by kamal siwani

 शूरमा जीवन मग में  चलना तो , बस सदा अकेले पड़ता । शूरमा जो होता वह रण में , निपट …


 शूरमा

kavita Surma by kamal siwani

जीवन मग में  चलना तो , बस सदा अकेले पड़ता ।

शूरमा जो होता वह रण में , निपट अकेले  लड़ता ।।

रहता जो पूरित साहस से , तनिक नहीं घबराता ।

विचलित करके कदम न अपना , पृष्ठ भाग में जाता ।।

नहीं ढूँढ़ता संग कोई वह , तब ही कदम बढ़ाएँ ।

वरना हम ना निपट अकेले , 

रहकर कुछ कर पाएँ ।।

किंतु रहित साहस से होते , कदम ठिठकता उनका ।

लेकर संग किसी का बढ़ना, हो अवलंबन जिनका ।।

ऐसी सोच लिए जो होते, तनिक न कुछ कर पाते ।

कदम बढ़ाने से पहले ही , उर कंपित कर जाते ।।

पर जो ठान लेता खुद पर , हर संभव कर दिखलाता ।

दे साहस का प्रतिमान ,निज नाम अमर कर जाता ।।

भूधर का चीर वज्र वक्षभी , राह बना वो देता ।

धरणी से ला अंबुधार  मरुथल पुष्पित कर देता ।।

समय सदा उन शूरों की ही ,अमिट कहानी कहता ।

कुछ करके दिखलाने हेतु , जिनका रुधिर उबलता ।।

       — कमल सीवानी , रामगढ़ ,सीवान , बिहार


Related Posts

Gazal huwa ghatak corona by brijesh sinha

June 3, 2021

ग़ज़ल  -हुआ घातक करोना, हुआ घातक करोना,यार कब इसको हरायेंगे, | अगर अब भी नहीं सतर्क होये, मारे जाएँगे ||1

kavita zindagi by deepika biswal

June 3, 2021

 जिंदगी जिदंगी को अजीब कहा जाए या किस्मत को अजीब कहा जाए? लोगो से एक बात बार – बार सुनी

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

June 3, 2021

कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई। मुझसे आ करके मिल रहा कोई। ख्वाब आंखों में पल रहा कोई। सूना

kavita meri kismat me kya pta kya by ramesh

June 3, 2021

 मेरी किस्मत में क्या पता क्या मेरी किस्मत में क्या पता क्या फिर भी उनके इरादे भाप लिया चाहत के

मेरा गाँव कविता| mera gaon kavita written by ramdheraj

मेरा गाँव कविता| mera gaon kavita written by ramdheraj

June 3, 2021

यह मेरा गाँव कविता गांव के जीवन को बहुत अच्छी से दिखाती है । तथा गांव में बिताए गए पलों को याद दिलाती है । आज हम शहरो की तरफ भाग आए है लेकिन हमारा बचपन अभी भी उन गांवो में ही कैद है ।

kavita do kandhe mil jate hai by chanchal krishnavanshi

June 3, 2021

कविता -दो कन्धे तो मिल जाते हैं यहां मुझे दो कन्धे तो मिल जाते हैं यहां मुझे, रोने के बादमानता

Leave a Comment