Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita samanta ki tasveer by jitendra kabir

 समानता की तस्वीर एक नज़र… किसी दम्पत्ति की इकलौते बेटे के साथ तस्वीर पर, फिर एक नजर किसी दूसरे दम्पत्ती …


 समानता की तस्वीर

kavita samanta ki tasveer by jitendra kabir


एक नज़र

किसी दम्पत्ति की

इकलौते बेटे के साथ तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी दूसरे दम्पत्ती की

इकलौती बेटी के साथ तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति भाग्यवान

और दूसरी तस्वीर के प्रति बेचारेपन का भाव

अगर आता है मन में,

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए 

सिर्फ बोलने की बात है।

एक नजर

किसी पुरुष की

बेयर चेस्टेड बाॅडीकी तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी स्त्री की

क्लीवेजदिखाती हुई तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति प्रशंसा

और दूसरी तस्वीर के प्रति निंदा का भाव

अगर आता है मन में

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए

सिर्फ बोलने की बात है।

एक नज़र

किसी पुरुष की

सिगरेट पीते हुए तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी स्त्री की

सिगरेट पीते हुए तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति स्वीकार्यता

और दूसरी तस्वीर के प्रति बदचलनी का भाव

अगर आता है मन में

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए

सिर्फ बोलने की बात है।

                                         जितेन्द्रकबीर

                                         

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नामजितेन्द्रकबीर

संप्रतिअध्यापक

पताजितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश



Related Posts

Insan ke bhesh me shaitan by Jitendra Kabir

August 21, 2021

 इंसान के भेष में शैतान हमारा समाज भरा पड़ा है ऐसे लोगों से  जो सोशल मीडिया पर जमकर देते हैं

Yun he nhi ye tiranga mahan hai by Tabrez Ahmad

August 14, 2021

यूं ही नहीं ये तिरंगा महान है। यूं ही नहीं ये तिरंगा महान है।यही तो मेरे देश की पहचान है।हो

Mera vatan Hindustan kavita by mainudeen kohri

August 14, 2021

कवितामेरा वतन हिन्दुस्तान मेरा वतन – मेरा वतन प्यारा है हिन्दुस्तान सबसे प्यारा मेरा प्यारा वतन है हिन्दुस्तान गगन को

Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

August 14, 2021

स्वतंत्रता दिवस कितने वर्ष गुजरे भारत माता नेपराधीनता की जंजीरों मेंअपमानित हुई पल-पल भारत भूमिकुचली गई पैरों तले अंग्रेजों केअनगिनत

Vicharo se banta hai inshan by Jitendra Kabir

August 8, 2021

 विचारों से बनता है इंसान विचार अच्छे हों तो अच्छा बनता है, हों अगर बुरे तो बुरा बनता है इंसान,

Yah sadi ki sabse nayab bimari hai by salil saroj

August 7, 2021

यह सदी की सबसे नायाब बीमारी है बहरों से बातचीत की कोशिश जारी हैयह सदी की सबसे नायाब बीमारी है

Leave a Comment