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kavita samanta ki tasveer by jitendra kabir

 समानता की तस्वीर एक नज़र… किसी दम्पत्ति की इकलौते बेटे के साथ तस्वीर पर, फिर एक नजर किसी दूसरे दम्पत्ती …


 समानता की तस्वीर

kavita samanta ki tasveer by jitendra kabir


एक नज़र

किसी दम्पत्ति की

इकलौते बेटे के साथ तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी दूसरे दम्पत्ती की

इकलौती बेटी के साथ तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति भाग्यवान

और दूसरी तस्वीर के प्रति बेचारेपन का भाव

अगर आता है मन में,

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए 

सिर्फ बोलने की बात है।

एक नजर

किसी पुरुष की

बेयर चेस्टेड बाॅडीकी तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी स्त्री की

क्लीवेजदिखाती हुई तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति प्रशंसा

और दूसरी तस्वीर के प्रति निंदा का भाव

अगर आता है मन में

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए

सिर्फ बोलने की बात है।

एक नज़र

किसी पुरुष की

सिगरेट पीते हुए तस्वीर पर,

फिर एक नजर

किसी स्त्री की

सिगरेट पीते हुए तस्वीर पर,

पहली तस्वीर के प्रति स्वीकार्यता

और दूसरी तस्वीर के प्रति बदचलनी का भाव

अगर आता है मन में

तो स्त्रीपुरुष समानता हमारे लिए

सिर्फ बोलने की बात है।

                                         जितेन्द्रकबीर

                                         

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नामजितेन्द्रकबीर

संप्रतिअध्यापक

पताजितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश



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