Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita purane panne by Anita sharma

पुराने पन्ने चलो पुराने पन्नों को पलटाये,फिर उन पन्नों को सी लेते हैं।उसमें दबे अरमानो में से ही,कुछ अरमान जीवन्त …


पुराने पन्ने

पुराने पन्ने
चलो पुराने पन्नों को पलटाये,
फिर उन पन्नों को सी लेते हैं।
उसमें दबे अरमानो में से ही,
कुछ अरमान जीवन्त करें।

बहुत दबाया अपने दिल की इच्छाओं को,
उनको चलो खुलकर जी लेते हैं।
आओ आज दबे अरमानो को ही,
खुशियों के पल में चुन लेते हैं।

अपनों की खुशियों की खातिर,
बंद किया दिल के अंदर अरमानो को।
अब अपने लिए आज फिर ,
पन्नों को पलटाकर जी लेते हैं।

अपनी खुशियाँ अपनी इच्छाऐ,
अपने सपनों को साकार करें।
चलो,कुछ एकान्त पलों को भी,
भर लेते अपनी झोली में।

दबे हुए अरमानो में से ही ,
कुछ अरमान पर मुहर लगायें।
दबी हुई इच्छाओं को ही,
अब अपनी पहचान बनाये।

-अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

नए साल में नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

वह एक ही परम शक्ति-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

वह एक ही परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

January 7, 2022

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

पधारो म्हारो राजस्थान-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

पधारो म्हारो राजस्थान! जीवंत संस्कृति, रेतीली मरुस्थलीय भूमि,  ऊंट पर बैठकर सवारी,  जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है

मसूरी-जन्नत सा शहर-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

मसूरी-जन्नत सा शहर! मसूरी भारत देश के उत्तराखंड राज्य का एक पर्वतीय नगर, बहुत सुहावने मौसम का अनुभव देती है

Leave a Comment