शीर्षक: पवित्र रिश्ता
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए
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प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात
शीर्षक: पवित्र रिश्ता सुनो दिकु… दुख अब अकेले नहीं सहा जा रहा तुम आज होती तो लिपटकर रो लेता मेरी …
शीर्षक: पवित्र रिश्ता
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए
प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात
September 4, 2021
कैकेयी के राम कितना सरल है कैकेयी के चरित्र को परिभाषित करना, स्वार्थी, लालची, पतिहंता कहना, लांछन लगाना पुत्रमोही को
September 4, 2021
कब तक मधुसूदन दौड़ेंगे….!!! कब तक मधुसूदन दौड़ेंगे । द्रुपद सुता की लाज बचानें।। दरबार सजा जब कौरव का ।
September 4, 2021
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September 4, 2021
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August 29, 2021
झूठों का है जमाना एक बार झूठ बोल कर उसे छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, पकड़े भी