Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita- pacchim disha ka lamba intjaar by mahesh keshari

 पच्छिम दिशा का लंबा इंतजार..  मंझली काकी और सब  कामों के  तरह ही करतीं हैं, नहाने का काम और  बैठ …


 पच्छिम दिशा का लंबा इंतजार.. 

kavita- pacchim disha ka lamba intjaar by mahesh keshari


मंझली काकी और सब 
कामों के  तरह ही करतीं
हैं, नहाने का काम और 
बैठ जातीं हैं, शीशे के सामने
चीरने अपनी माँग.. 
और अपनी माँग को भर 
लेतीं हैं, भखरा सेंदुर से, ..
भक..भक…
और
फिर, बड़े ही गमक के साथ 
लगाती हैं, लिलार पर बड़ी
सी टिकुली….. !! 
एक, बार अम्मा नहाने के
बाद, बैठ गईं थीं तुंरत
खाने पर, 
लेकिन, तभी 
डांटा था मंझली काकी 
ने अम्मा को….
छोटकी , तुम तो
बड़ी, ढीठ हो, जब, तक 
पति जिंदा है तो बिना सेंदुर
लगाये, नहीं खाना चाहिए 
कभी..खाना… !! 
बड़ा ही अशगुन होता है, 
तब, से अम्मा फिर, कभी 
बिना सेंदुर लगाये नहीं
खाती थीं, खाना… !! 
मंझले काका, काकी से
लड़कर  सालों पहले 
काकी, को छोड़कर कहीं दूर 
निकल गये.. पच्छिम… 
बिना..काकी को कुछ बताये.. !! 
 
गांव, वाले कहतें 
हैं, कि काकी करिया
भूत हैं,…इसलिए
भी अब  कभी नहीं 
लौटेंगे  काका… !! 
और कि काका ने
पच्छिम में रख रखा 
है एक रखनी और… 
और, बना लिया है, उन्होंने
वहीं अपना घर…!! 
काकी पच्छिम दिशा में
देखकर करतीं हैं
कंघी और चोटी और भरतीं
हैं, अपनी मांग में सेंदुर.. 
इस विश्वास के साथ 
कि काका एक दिन.. जरूर… 
लौटकर आयेंगे…. !! 
सर्वाधिकार सुरक्षित
महेश कुमार केशरी 
C/ O -मेघदूत मार्केट फुसरो

Related Posts

बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं

January 29, 2023

भावनानी के भाव बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं पिता से बड़ा

विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है

January 28, 2023

भावनानी के भाव विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है जहां

सर झुकाते हैं..| deshbhakti kavita

January 27, 2023

 सर झुकाते हैं.. देश के वीरों तुम्हारे सामने नतमस्त हम हैंदे दी आहूति तन की जिसने दिव्य है पावन अमर

गांधीजी के सिद्धांत व विचार | Gandhiji ke siddhant aur vichar

January 27, 2023

भावनानी के भाव गांधीजी के सिद्धांत व विचार सत्य अहिंसा शांति धर्मनिरपेक्षता धार्मिक बहुलवाद और अधिकारों के लिए लड़ना सत्याग्रह

परमात्मा | Paramatma

January 24, 2023

परमात्मा  तुम, जो सदा संग रहते हो मेरे,भले नहीं दिखते हो प्रत्यक्ष।पर फिर भी सदा , साथ रहने का अहसास

पानी बचाओ जीवन बचाओ| save water, save life

January 24, 2023

भावनानी के भाव पानी बचाओ जीवन बचाओ पानी के स्त्रोतों की सुरक्षा स्वच्छता अपनाने के लिए जी जान से ध्यान

PreviousNext

Leave a Comment