Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kavita-paap nhi hai pyar by devendra arya

 पाप नहीं है प्यार अपने प्यार को कभी ऐसे नहीं सरापते हज़ूर कि श्राप लग जाए पूछ पछोर कर नहीं …


 पाप नहीं है प्यार

Kavita-paap nhi hai pyar by devendra arya


अपने प्यार को कभी ऐसे नहीं सरापते हज़ूर
कि श्राप लग जाए
पूछ पछोर कर नहीं किया जाता 
न आपने किया
न ही मजमा लगा कर होती है विदाई प्यार की
तो फिर क्यों ?
प्यार में होना तो ठीक 
मगर प्यार के हैंग ओवर की सार्वजनिक उल्टियां 
ठीक नहीं
प्यार की परिणति बंधन होती होगी
मगर पहचान सिंदूर नहीं
कोई आपका अपना था
केवल आपका
अब नहीं है तो यह जन सरोकार याचिका नहीं
चिद्दियां मत उड़ाइए उन भावनाओं की
जो कभी मंत्रों सी पवित्र रही होंगी
टूटना उतना ही सच है
जितना जुड़ना
प्यार की हर कविता नफ़रत से बड़ी होती है
पति के प्यार में लाश के आगे धरना देती स्त्री
और पत्नी के प्यार में शव-तांडव करता पुरुष
प्रेरणनादायक आख्यान हैं 
जिसे पूजा जाता है उसे जिया नहीं जाता
प्यार में पड़ना पुण्य भले न हो
प्यार का छूटना पाप नहीं 
ट्रेन का छूटना मंज़िल का छूटना नहीं होता

Related Posts

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

लाऊं तो कैसे और कहां से-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

लाऊं तो कैसे और कहां से कहां से लाऊ वो उत्साह जो हर साल आता थाकहां से लाऊं वह जोश

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

Leave a Comment