Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

Kavita on navratri

 नवरात्रि सुनो दिकु….. नौ दिन नवरात्रि केहमारे जीवन में आनंद लेकर आते हैज़िंदगी को जुमकर कैसे जिया जाता हैगरबा और …


 नवरात्रि

Kavita on navratri

सुनो दिकु…..

नौ दिन नवरात्रि के
हमारे जीवन में आनंद लेकर आते है
ज़िंदगी को जुमकर कैसे जिया जाता है
गरबा और डांडिया के साथ हमें सिखाते है
जब भी मां अंबे का आगमन होता था
ऐसे नाचता, की सारे अपने सूद बुध खोता था
आज तुम होती तो तुम्हें साथ लेकर डांडिया खेलता
में जीवन की हर परिस्थिति को खुशी खुशी झेलता
खैर, अब रात को वह माहौल में ज़रूर जाता हूँ
मा अंबे से हररोज़ प्राथना करके लौट आता हूँ
“हे माँ, में फिर से पूरी खुशी के साथ झूम उठूंगा
माँ, मेरी दिकु को ला दो, में भी मन भर के आप के आंगन में गरबा खेलूंगा”
पूरे जहां में धूम मचा रहे है लोग रास पर
मेरी आँखें नम है तुम्हारे लौटने की आस पर

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए

हैप्पी नवरात्रि

जय माता दी 

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

Related Posts

जाने किसने… | Jaane kisne…

July 20, 2023

जाने किसने… डूब रहा आकंठ आज मन, भावों के आकर्षण में। जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।। यादों

इसांनियत पर कविता| insaniyat par kavita

July 20, 2023

भावनानी के भाव इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना है इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं

July 18, 2023

भावनानी के भाव परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहींबहन से

पानी का मूल्य और मानव | pani ke mulya aur manav par kavita

July 12, 2023

भावनानी के भाव पानी का मूल्य और मानव को समझना है पानी बचाने की ज़वाबदेही निभाना है पानी का मूल्य

देर ना हो जाये आने में |der na ho jaye aane me – prem thakker

July 12, 2023

देर ना हो जाये आने में सुनो दिकु…… अब सांसे रुक रुक कर चलती हैयह आँखें हरपल तुम्हारी याद में

नया भारत | New India

July 8, 2023

भावनानी के भाव नया भारत भारत नवाचारों का उपयोग करके ऐसी तकनीकी विकसित करता है जनता के लिए सस्ती सुगम

PreviousNext

Leave a Comment