कविता:निरुत्तर
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
कविता:निरुत्तर निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुमप्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम। शान्त होकर सिर्फ प्रसन्न रहो, …
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
September 4, 2021
कैकेयी के राम कितना सरल है कैकेयी के चरित्र को परिभाषित करना, स्वार्थी, लालची, पतिहंता कहना, लांछन लगाना पुत्रमोही को
September 4, 2021
कब तक मधुसूदन दौड़ेंगे….!!! कब तक मधुसूदन दौड़ेंगे । द्रुपद सुता की लाज बचानें।। दरबार सजा जब कौरव का ।
September 4, 2021
मूलभूत समस्याएं वही हैं एक वक्त का खाना जैसे तैसे जुटाकर दूसरे वक्त की चिंता जिस इंसान के दिमाग में
September 4, 2021
रिश्ता की दूरियां-नजदीकियां रिश्तों का महत्व लंबी दूरियों से नहीं मन की दूरियों से होता है, अन्यथा माँ बाप और
September 4, 2021
तीर नदी का तीर नदी का दूर किनारा , कहां नहीं तुझको ढूंढा है, रात अंधेरी नदी उफनती, मिलन अंत
August 29, 2021
झूठों का है जमाना एक बार झूठ बोल कर उसे छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, पकड़े भी