कविता:निरुत्तर
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
कविता:निरुत्तर निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुमप्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम। शान्त होकर सिर्फ प्रसन्न रहो, …
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
October 5, 2021
“फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य
October 1, 2021
धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान
October 1, 2021
सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।
October 1, 2021
वृध्द दिवस बुढ़ापो बुढापो तो सगलां नैं आसी । ओ’ बुढापो तो घणो दोरो रे ।।
October 1, 2021
स्वर कोकिला लता मंगेशकर हुई 92 साल की स्वरों की देवी
October 1, 2021
माटी के लाल शास्त्री जय जवान जय किसान का नारा दिया यह लाल पाकिस्तान के मंसूबों को पानी फेर दिखाया