कविता:निरुत्तर
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
कविता:निरुत्तर निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुमप्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम। शान्त होकर सिर्फ प्रसन्न रहो, …
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
November 7, 2021
बेटा – बेटी एक समान आदर्शवाद दिखाने के लिए हमनें पाठ्य – पुस्तकों में अपनी लिखा दिया, “बेटा – बेटी
November 7, 2021
चुनौती से कम नहीं वक्त बीतता जाता है जैसे-जैसे कुंद पड़ती जाती है दांपत्य में धार नयेपन की, जिन नजरों
November 7, 2021
झूठा भ्रम रोक नहीं पाते जब तुम दुनिया के सब मजलूमों पर होने वाले ज़ुल्म-ओ-सितम तो फिर तुम्हारे ‘दुखहर्ता’ होने
November 7, 2021
एक व्यंग्य नशा सबका मनोरंजन करते अभिनेता पर अपने घर में समय न देते। धन तो खूब कमा लेते पर
November 7, 2021
प्यार भरा गीत एक प्यार का गीत सुना दो, बंसी की मधुर तान सुना दो। मोहन गोपियों संग राधा अकु
November 7, 2021
रौनक लौट आई लम्बे अरसे के बाद सही पर……रौनक लौट रही। सज रहे बाजार बहुत समय के बाद । घरों