कविता:निरुत्तर
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
कविता:निरुत्तर निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुमप्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम। शान्त होकर सिर्फ प्रसन्न रहो, …
निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुम
प्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम।
November 7, 2021
जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध
November 7, 2021
।। बादल ।। !! बादल तेरी अनोखी कहानी कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली नयन सुख मिल जानी
November 7, 2021
बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर
November 7, 2021
गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु की दुआ माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें दे
November 7, 2021
कविता : न देना दिल किसी को न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से , छीन
November 7, 2021
जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट