कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई।
मुझसे आ करके मिल रहा कोई।
कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई। मुझसे आ करके मिल रहा कोई। ख्वाब आंखों में पल रहा कोई। सूना …
मुझसे आ करके मिल रहा कोई।
July 23, 2021
शीर्षक : बहुत याद आते हो “तुम”…!!! ऊँची -ऊँची इमारतें …! शहरों की चहल -पहल , महंगी गाड़ियों की रेलम-रेल
July 23, 2021
शीर्षक – “बारिश” आज धरा की गुहार है रंग लाई, नीले नभ में घनघोर बदरी छाई, प्रकृति की छटा मनमोहक
July 23, 2021
शीर्षक – दया दया धर्म और प्रेम का, रखे नित हम ध्यान। दया हृदय में रखिए, करे नहीं अभिमान।। करे
July 23, 2021
स्वरचित कविता तलाश ——– जाने कैसी डोर बंधी है, चाहूं भी तो छोड़ सकूं ना, मेरे हृदय के तार हो
July 23, 2021
स्वर्ग सुकर्म को चुनो है अब, मनःशान्ति सुख मिलता। स्वर्ग सा आनंद धरा में मिलता,
July 23, 2021
छोटी बहिना एक डाली के फूल थे हम , कितने बसंत साथ जिये। हर