Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई। मुझसे आ करके मिल रहा कोई। ख्वाब आंखों में पल रहा कोई। सूना …


कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई।

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

मुझसे आ करके मिल रहा कोई।

ख्वाब आंखों में पल रहा कोई।

सूना सूना था सरोवर दिल का
आज सतदल है खिल रहा कोई।

तेरे आने से ऐसा लगता है
चांद छत पर उतर रहा कोई।

जबसे छाए हैं फलक पर बादल
तबसे दरिया मचल रहा कोई।

उनसे मिलने की तड़प ऐसी है
भरी बारिश में जल रहा कोई।

इन हवाओं में कुछ खुमारी है
जैसे मौसम बदल रहा कोई।

किसी “किंजल्क” से मिलने के लिए
मेरे दिल में सवंर रहा कोई।
       
                            किञ्जल्क त्रिपाठी “किञ्जल्क”
                             आजमगढ़ (उ.प्र)

Related Posts

Bas ek sawal by Jitendra Kabir

October 12, 2021

 बस एक सवाल वैसे तो इस देश में काफी खराब हैं सड़कों के हालात, खराब सड़कों के कारण  होती हैं

Hamne kab kaha by vijay Lakshmi Pandey

October 12, 2021

 हमनें कब कहा….??? हमनें   कब   कहा…? ये हड्डियां कमज़ोर  हो गई । लोगों   नें    बताया   , हड्डियां बूढ़ी हो

Vishwa Dak Divas per Vishesh by Sudhir Srivastava

October 12, 2021

 विश्व डाक दिवस पर विशेष खतों की यादें अचानक एक दिन पुराने खत दिखे तो बीते दिनों की याद ताजा

Suturmurgi pravitti by Jitendra Kabir

October 8, 2021

 शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति अगर तुम कहते हो कि ‘साहित्य रचना’ को मुक्त रखा जाए सर्वथा वर्तमान ‘सामाजिक-राजनैतिक सरोकारों’ से, सत्ता के

Man ki bat by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Leave a Comment