Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई। मुझसे आ करके मिल रहा कोई। ख्वाब आंखों में पल रहा कोई। सूना …


कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई।

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

मुझसे आ करके मिल रहा कोई।

ख्वाब आंखों में पल रहा कोई।

सूना सूना था सरोवर दिल का
आज सतदल है खिल रहा कोई।

तेरे आने से ऐसा लगता है
चांद छत पर उतर रहा कोई।

जबसे छाए हैं फलक पर बादल
तबसे दरिया मचल रहा कोई।

उनसे मिलने की तड़प ऐसी है
भरी बारिश में जल रहा कोई।

इन हवाओं में कुछ खुमारी है
जैसे मौसम बदल रहा कोई।

किसी “किंजल्क” से मिलने के लिए
मेरे दिल में सवंर रहा कोई।
       
                            किञ्जल्क त्रिपाठी “किञ्जल्क”
                             आजमगढ़ (उ.प्र)

Related Posts

विघटन के बीज- जितेन्द्र ‘कबीर

March 25, 2022

विघटन के बीज एक घर के दो सदस्य,एक शाकाहारी पूर्णतःलेकिन दूसरे को मांसाहार भाए,खाने के ऊपर रोज ही उनकीआपस में

प्राथमिकता में नहीं- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्राथमिकता में नहीं जब सरकारें देने लगें सियासी लड़ाईयां जीतने परध्यान ज्यादाऔर ज़िंदगी की लड़ाई हार रहीजनता पर कम,तो समझ

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर

चुप्पी की कीमत- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

चुप्पी की कीमत अगर तुम्हारा कोई पड़ोसीकुछ हथियारों और गुण्डों के बल परधावा बोल देतुम्हारे घर पर कब्जे के लिए,तो

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

Leave a Comment