Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita meri kismat me kya pta kya by ramesh

 मेरी किस्मत में क्या पता क्या मेरी किस्मत में क्या पता क्या फिर भी उनके इरादे भाप लिया चाहत के …


 मेरी किस्मत में क्या पता क्या

kavita meri kismat me kya pta kya by ramesh

मेरी किस्मत में क्या पता क्या

फिर भी उनके इरादे भाप लिया

चाहत के समंदर में क्या खोया क्या पाया

दौर कोई भी हो दुनिया वालो
सामने से जमाना गुजर गया
देख कर ये मंजर हमने
सीने पर पत्थर रख लिया

कहते हैं इश्क में वो ताकत हैं
मौत को भी हरा देती हैं

हमने कुछ भी ऐसा नहीं देखा
ऑंख बंद थी खुद को सोया पाया

(स्वरचित रमेश वर्मा -वाराणसी)


Related Posts

शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार

February 24, 2022

शहीदों के वैलेंटाइन डे। वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं पर कारवां कुछऐसे कर जाते हैंमानस पटल पर छविअंकित हो

बसंत की बहार-डॉ इंदु कुमारी

February 24, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

मेरे जीवन रथ का सारथी

February 24, 2022

मेरे जीवन रथ का सारथी कुछ भी नहीं समझ आता थादुनियां के रंगों मेंकौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा

महापुरुषों का नाम भुना लिया हैै-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

महापुरुषों का नाम भुना लिया है वक्त गुजरने के साथसच्ची, सरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया

दोगला व्यवहार-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

दोगला व्यवहार गायों से नहीं चाहे हमने बछड़ेऔर स्त्रियों से लड़कियां,दोनों के प्रति हमारे समाज काअघोषित सा दुराव रहा है,

मेरा प्यार आया है-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

मेरा प्यार आया है भटका हूं तेरी तलाश में बहुतमिले हो अब तो मुझमें ठहराव आया है,करने दे थोड़ा आरामअपनी

Leave a Comment