Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita mera bharat by madhu pradhan

मेरा भारत मेरा प्यारा सबसे न्यारा भारत देशकल- कल करके नदिया बहती झर-झर करके झरने बहते आँखों में बसते दृश्य …


मेरा भारत

kavita mera bharat by madhu pradhan

मेरा प्यारा सबसे न्यारा भारत देश
कल- कल करके नदिया बहती
झर-झर करके झरने बहते
आँखों में बसते दृश्य मनोहर।
नित्य नये त्योहार मनाते
आलाप मधुर संगीत सुनाते
बच्चो के मन चहक -चहक है जाते
रसमयी गागर सब छलकाते।
सूर्य चन्द्र नक्षत्र और पशु-पक्षी भी
यहाँ हैं पूजे जाते ।
पूर्ण तुष्ट हो अतिथि जाते
गुणगान यहा का वे सुनाते।
कभी नहीं है पर्वत घाटो की
गेंहू चना धान मक्का के

खेत खूब लहराते
फल फूलो के बाग बगीचे
इस धरती की है शान ।
भरी हुई है प्रकृति संपदा
सहर्ष लुटाते सब पर
भारत में आपस में
मेल बढ़ाती सी है
अनेक भाषाएँ वेशभूषा
यह बात किसी
को पच नहीं पाती
इस देश की यही है थाती।
बारी-बारी मौसम है आते
रोज नये रंग बरसाते हैं
परिवारों का बंधन है मजबूत
यहाँ चट्टानों सा है जीवन सबका।
वीर शिवाजी औ लक्ष्मीबाई की
गाथाएँ सबको याद जवानी है
शहीद भगत और आजाद की
सरफरोशी की तमन्ना
सबने ही संमानी है।
वेद व्यास औ कृपाचार्य का
बुद्धि बल व्याप्त हुआ जगह में
गौतम बुद्ध ,महावीर से ऋषियो ने
अपने उपदेशों से लोगों में फूँका
ऐसा मन्त्र मनोहर
उमड़ पड़ी जन जन में
त्याग तप श्रृद्धा की इच्छा
भरत नाम से बना यह भारत देश
करते शत-शत तुम्हें प्रणाम।।
मधु प्रधान मधुर
x


Related Posts

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

February 24, 2022

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है तुम्हारा प्रेम…मेरे लिए पुल सरीखा है,जिस पर चलकरनिकल जाता हूं मैं अक्सरखोजने प्रेम के गहनतम

करे कोई और भरे को- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

करे कोई और भरे को खूब मुनाफा कमायाजिन लोगों नेअंधाधुंध खनन करकेनदियों और पहाड़ों में,इसके कारण हुएप्रकृति के कोप से

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

February 24, 2022

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई

कविता मैं बहुत खुश था

February 24, 2022

कवितामैं बहुत खुश था मैं बहुत ख़ुश था जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता नहीं

Sundar bachpan Raunak Agrawal

February 17, 2022

सुंदर बचपन !! सोनी सी मुस्कान है वो, हर माँ की जान है वो !!ये बच्चे मन के सच्चे,थोड़े कच्चे

Leave a Comment