Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita mahamari ka saya by jitendra kabir

महामारी का साया किसी को घेर लिया है घोर निराशा ने, किसी के मन में मौत का डर समाया है, …


महामारी का साया

किसी को घेर लिया है

घोर निराशा ने,

किसी के मन में

मौत का डर समाया है,

खुद को मजबूत बता

भरमाता है मन कोई,

कोई इस पर अब भी

विश्वास नहीं कर पाया है,

मन बहलाने के लिए

कह ले कोई कुछ भी

लेकिन इस महामारी में

आत्मविश्वास सबका ही डगमगाया है।

किसी को सता रही है

फ़िक्र अपने परिजनों की,

किसी का मन अपनी जान

की सोच ही घबराया है,

सपनों के अधूरा रह जाने का

रंज बड़ा है किसी को,

कोई महामारी के झूठे

प्रचार से ही बौखलाया है,

मन बहलाने के लिए

कह ले कोई कुछ भी

लेकिन इस महामारी ने

हाथ खड़ा सबका ही करवाया है।

किसी को खाए जा रही है

अपने रोजगार की चिंता,

किसी को भुखमरी का मंजर

अबके फिर से नजर आया है,

परिवार में समय बिताने की

सोचकर खुश है कोई,

कोई पढ़ाई के नुक्सान से

बड़ा ही कसमसाया है,

मन बहलाने के लिए

कह ले कोई कुछ भी

लेकिन इस महामारी ने

जीने का तरीका सबका बदलवाया है।

जितेन्द्र ‘कबीर’

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापकपता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश


Related Posts

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

January 15, 2022

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 15, 2022

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian

January 15, 2022

कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा । कह दूं सोहबतों से, मैं

शोषण- चन्दानीता रावत

January 15, 2022

शोषण जागो मानव के मन, जागोशोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़समाज के काले विचारों सेरिश्ता तोडो़, दो जवाब मुड़ कर इनरुढ़िवादी

Leave a Comment