कविता – मॉं
धन्य है ! मॉं
कविता – मॉं धन्य है ! मॉं धन्य मॉं की ममता । नौ मास मुझको, रखा गर्भ के भीतर । …
धन्य है ! मॉं
August 22, 2021
सोच कर देखो दो महत्वपूर्ण काम राजनीति और अध्यात्म, जो दशा और दिशा तय करते हैं किसी भी राष्ट्र और
August 22, 2021
जीवन रक्षा मंत्र मानव जीवन में सड़कें जीवन का अनिवार्य हिस्सा है इसके बिना तो जैसे अधूरा जीवन का किस्सा
August 22, 2021
मीरा दीवानी कान्हा की मीरा दीवानी कान्हा की प्रेम से छलकत जाय जागत रहे दिन -रात फिर भीदरस ना पाय
August 22, 2021
कहीं जश्न,कहीं हताशा* समय परिवर्तित होता तो है, पर…इतना ? किसी देश में जश्न आजादी, तो कहीं परतंत्रता छाई।
August 22, 2021
कहूं कैसे मिलूं तो होंठ सट जाते हैं ऐसे रात के अधखिले फूल हो जैसे चाहकर भी वे हिल नहीं
August 22, 2021
सिर्फ दिखाने की चीज देखता हूं बहुत बार अपने आस-पास दुनिया भर में अपने भाई चारे और अच्छे रिश्तों का