Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kavita – Maa -pawan kumar yadav

 कविता – मॉं  धन्य है ! मॉं  धन्य मॉं की ममता ।  नौ मास मुझको,  रखा गर्भ के भीतर ।  …


 कविता – मॉं 

Kavita - Maa -pawan kumar yadav

धन्य है ! मॉं 

धन्य मॉं की ममता । 
नौ मास मुझको, 
रखा गर्भ के भीतर । 
जन्म दिया उपकार मुझपर किया, 
तेरा ऋण न जाय चुकाया। 
बिना स्वार्थ पाला मुझको, 
गुरू बन दी पहली शिक्षा मुझको ।
अचरा से बांध मुझको, 
दुःख की छाया से रखा दूर मुझको । 
सारा शरीर कर्ज है तेरा,
फिर भी अहम् नहीं तुझको । 
धन्य है ! माँ 
धन्य मॉं की ममता ‌।

-पवन कुमार यादव (जौनपुर)


Related Posts

इन्सानियत के पक्ष में- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

इन्सानियत के पक्ष मे क्या तुम सीखना चाहते होखुद कई दिन भूखे रहकरअनाज की कीमत समझना? खुद पर कोई जुल्म

अश्रु- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

अश्रु बहते है अश्क ही आंखो के द्वार सेखुशी हो तो भी बहेंगे येगम में तो बहने का दस्तूर ही

हालात- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

हालात मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुतगले लगाने की बात ही न कीजिएघूमने की ख्वाहिश बहुत हैंमगर बाहर निकलने की बात

एक अभिशाप- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

एक अभिशाप एक तरफ हैं…घर में बेटी के जन्म लेने परमायूस होने वाले लोग,लेकिन बेटे के जन्म परपूरे गांव, रिश्तेदारी

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

शेखियां बघारने का मौसम चुनाव आ गये हैं और अब… देश को तरक्की की राह परले जाएगा कोई,तो कोई यहां

स्वामी विवेकानन्द – डॉ. इन्दु कुमारी

January 15, 2022

स्वामी विवेकानन्द युवाओं के प्रेरणा स्रौत शांति के संवाहक संतदेशभक्त समाज हितैषीलक्ष्य पाकर न रुके कदम भारतीयों के आदर्श हैंआध्यात्मिक

Leave a Comment