Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita kal ki mahabharat aur aaj ki mahabharat by saurabh

“कल की महाभारत और आज की महाभारत” महाभारत के सभी पात्र, अब तो घर ही में है,घृतराष्ट्र, दुर्योधन, शकुनि, सब …


“कल की महाभारत और आज की महाभारत”

kavita kal ki mahabharat aur aaj ki mahabharat by saurabh

महाभारत के सभी पात्र, अब तो घर ही में है,
घृतराष्ट्र, दुर्योधन, शकुनि, सब तो घर ही में है ।

असली महाभारत में भी, दो पक्ष लड़े थे मगर,
आज तो एक ही पक्ष के, दो टुकड़े घर ही में है ।

उस महाभारत में तो, शकुनि बाहर से था मगर,
आज की महाभारत मे, शकुनि भी घर ही में है ।

महाभारत तो धर्म-अधर्म की लड़ाई थी और है,
दंड मिलेगा उन्हे भी, जितने अधर्मी घर ही में है ।

सौरभ यादव
(एक कवि)


Related Posts

संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

November 27, 2021

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ.

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन

लोकतंत्र पर उल्लू हंसता- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 लोकतंत्र पर उल्लू हंसता कोई चैनल खोल के देखो, बड़े-बड़े दिग्गज लगते हैं, मानो उनका ज्ञान आंकना, जनता को बहुत

प्रधानमंत्री ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व ) मोदी जी पर कविता लिखना, बहुत सरल है सरलता उनकी, बाल काल से कर्मयोगी बन

कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं? पलायन करती हैं यहां से प्रतिभाएं, क्योंकि उनको सहेजने, प्रोत्साहित व सम्मानित करने के स्थान पर

खुद से ना दूर करो- अंकुर सिंह

November 24, 2021

 *खुद से ना दूर करो* रूठना हक तुम्हारा, मानना फर्ज हमारा।  माफ कर दो अबकी, बिन तुम्हारे मैं हारा।। तुम

Leave a Comment