Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita kal ki mahabharat aur aaj ki mahabharat by saurabh

“कल की महाभारत और आज की महाभारत” महाभारत के सभी पात्र, अब तो घर ही में है,घृतराष्ट्र, दुर्योधन, शकुनि, सब …


“कल की महाभारत और आज की महाभारत”

kavita kal ki mahabharat aur aaj ki mahabharat by saurabh

महाभारत के सभी पात्र, अब तो घर ही में है,
घृतराष्ट्र, दुर्योधन, शकुनि, सब तो घर ही में है ।

असली महाभारत में भी, दो पक्ष लड़े थे मगर,
आज तो एक ही पक्ष के, दो टुकड़े घर ही में है ।

उस महाभारत में तो, शकुनि बाहर से था मगर,
आज की महाभारत मे, शकुनि भी घर ही में है ।

महाभारत तो धर्म-अधर्म की लड़ाई थी और है,
दंड मिलेगा उन्हे भी, जितने अधर्मी घर ही में है ।

सौरभ यादव
(एक कवि)


Related Posts

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

लाऊं तो कैसे और कहां से-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

लाऊं तो कैसे और कहां से कहां से लाऊ वो उत्साह जो हर साल आता थाकहां से लाऊं वह जोश

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

Leave a Comment