kavita-haiwaniyat by antima singh
कविता-हैवानियत कमजोर जानकर किसी को क्युं सताते हैं लोग, मासूम दिलों पे पत्थरों की बौछार क्युं चलाते हैं लोग, कभी …
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मैं मणिपुर हूं | main Manipur hun kavita
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मैं मणिपुर हूं सुन सको तो सुनो, दिल को मजबूत कर, दास्तां अपने ग़म की बताता हूं मैं,मैं मणिपुर हूं,
मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई
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Munshi premchandra par kavita |प्रेमचंद
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कविता -जीभ|ज़बान | kavita :jeebh | jaban
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