Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita Dhairya na khona tum. samunder singh

कविता – धैर्य न खोना तुम आँसू से मुँह न धोना तुम। जीवन में धैर्य न खोना तुम।हर दिन सपने …


कविता – धैर्य न खोना तुम

kavita Dhairya  na khona tum. samunder singh

आँसू से मुँह न धोना तुम।
जीवन में धैर्य न खोना तुम।
हर दिन सपने उन्नति के,
दिल की मिट्टी में बोना तुम।
हर पल है अनमोल यहाँ ,
इसको व्यर्थ न खोना तुम।
कठिनाई आएं राहों में,
पर विचलित न होना तुम।
कुछ दुख के बादल छाए हैं ,
इन्हें देख न रोना तुम।
आशाओं की लड़ियों में ,
मायूसी न पिरोना तुम ।
असफलताओं का बोझा ,
जिंदगी भर न ढोना तुम।
जब तक न मिले मंजिल ,
“पंवार ” चैन से न सोना तुम।

कवि – समुन्द्र सिंह पंवार
रोहतक , हरियाणा


Related Posts

Mansik shanti ke upay by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 मानसिक शांति के उपाय मानसिक शांति के लिए करके देखें यह कुछ एक उपाय, समय दें उस शख्स को जो

misail man kalam by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

मिसाइल मैन कलाम 15 अक्टूबर 1931को जन्में   रामेश्वरम, तमिलनाडु के गरीब मुस्लिम परिवार में कलाम धरा पर आये। गरीबी की

Bhukhe ke hisse ki roti by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 भूखे के हिस्से की रोटी मैं देखता हूं बहुत बार अपनी छोटी सी बिटिया को खाना खाते हुए, साथ में

Maa kavita by poonam udaychandra

July 31, 2021

 “माँ” आज देखा है चेहरा अपनी  माँ का मैंने।  उभरती लकीरों और आंखों का गहना।।  मुश्किल बड़ी रास्ते छोटे, उसका

Na ho dushmani agar by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 न हो दुश्मनी अगर न हो दुश्मनी दो देशों के बीच अगर तो कई नेताओं और दलों की राजनीति में

Vijay divash kavita by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

 विजय दिवस बहुत गर्व है हमें अपने जाँबाजों,रणबांकुरों पर जिनके हृदय में हिंदुस्तान बसता है, जिनका हौसला चट्टान सा शरीर

1 thought on “kavita Dhairya na khona tum. samunder singh”

Leave a Comment