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kavita corona me pas by mosam khan

 साथियों हमारी मेवाती भाषा में मेने  चार लाइनें जोड़ने की कोशिश की है उम्मीद करता हु आपको पसंद आएंगी  हौसलाफ़जई  …


 साथियों हमारी मेवाती भाषा में मेने  चार लाइनें जोड़ने की कोशिश की है उम्मीद करता हु आपको पसंद आएंगी  हौसलाफ़जई  के लिए प्लीज लाईक और कॉमेंट करे

                         शीर्षक 
                  कोरोना में पास

kavita corona me pas by mosam khan

दो साल सु चली बीमारी कोरोना जाको नाम,,
जन जीवन याने बिगाड़ दियो , करदीयो काम तमाम।।
देश बर्बाद होगो,
 कोरोना तेरो नाम होगा।।
सबसू पहले स्कूल हुआ बंद, हुयो बालक में बिगाड़।।
पढ़ाई लिखाई उनने सब छोड़ी,होगा सारा फेल जुगाड।।
ऑनलाइन जुगाड चलयो,
बालक घर ना पढ़ पायो।।
मां बाप सु डरे नहीं बालक,ना गुरूजी को खौफ,,
वैयात ऊ दिन्नू डोले,लगो पबजी को शौक,
सारा दिन गेम खेले,
किताब खोल ना देखे।।
पिछली साल ऊ पास होगा , वाय है अब के भी आस
यही हाल रहो कोरोना को तो होतो रहेगो पास,
किताब पढ़ कर ना देखे,
किताब को नाम ना जाने,,
रात अचानक खबर सूनी ही, हुयो ना विशवास,
बिना पेपर दिया बालक,होगा सारा पास ।।
देश को कहा होगा
कोरोना तेरो नाम होगा,,
खूब कराई हमने मेहनत,आज बात समझ नही आए,,
अखबार की खबर पढ़ कर बालक,फूलो ना समाय,,
ओ में बीन पेपर पास होगा,
कोरोनो को एहसान होगा।।
याको एक फिकर मास्टर है,वाकी सुने ना कोए,
यही हाल रहो हमारो,नुकसान भविष्य को होए,
अरे ओ सुनयो भाई,
पास की किया रीत चलाई।।
                 🪴 स्वरचित  मौसम खान🪴
                    अलवर राजस्थान

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