Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita chhijta vimarsh by ajay kumar jha

 छीजता विमर्श. दुखद- शर्मनाक जीवन पथ पर निरपेक्षता नामित शस्त्र से वर्तमान के अतार्किक भय में रिस रहा लहू इतिहास …


 छीजता विमर्श.

kavita chhijta vimarsh by ajay kumar jha

दुखद- शर्मनाक जीवन पथ पर

निरपेक्षता नामित शस्त्र से
वर्तमान के अतार्किक भय में
रिस रहा लहू
इतिहास के जख्मों से.

हो रहा हनन
मूलभूत अधिकारों का
पृथकता की शेखी में
धार्मिक तटस्थता की भंगिमा में
राज-धर्म के नाम पर
स्वयं धर्म को है छेड़ता
हो सत्ता में मगरूर
अतटस्थ-अंर्तलीन.

समानता के जुमले तले
रौंदा जाता अधिकार
प्रगतिशीलता के आवरण में
स्वतंत्रता हो रहा बेहाल.

दिए जाते हैं बहादुरी के पदक
मुर्दों की शीश काटनेवालों को
एक किवंदति है बन गई
चुनती है जनता सरकार
माहौल तो कह रहा है अब
जनता को चुनेगी सरकार .

क्यों न हो जब
चुनावी युधिष्ठिर
रोज बोते हैं झूठ
लालसा लिए हम देखने की
काले धन की सफेदी को
जिनके पैर कभी पड़ते नहीं जमीन पर
नित पराये धन बने
नेता नजर आते हैं
तटस्थता की भंगिमा में
काठ की तोपें गरजती हैं
युद्ध हैं जीते जा रहे
टीन के तलवार से. .

सच्च है
भैंसों की लड़ाई में
घास का पीसना लाजिमी है,

कहते हैं हमसे वो
पौपकार्न बनने से पूर्व मकई को
गर्म तवे से गुजरना पड़ता है.
—————————————-
@अजय कुमार झा.
सहरसा (बिहार).


Related Posts

सुख दुख दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव

June 6, 2023

भावनानी के भाव सुख दुख दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक ख़ूबसूरत खेल है

कविता – पर्यावरण| kavita -paryavaran

June 6, 2023

कविता – पर्यावरण पर्यावरण है प्रकृति का आख़र सूरज , चंदा, धरती और बादरप्रकृति का अद्भुत चहुँदिशि घेराचंदा डूबा फिर

बारिश | kavita- barish

June 4, 2023

बारिश आज खूब बारिश हो रही है याद है वह बचपन का दौर जब होने लगती थी बारिश झमाझमतो निकलती

पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है | save the environment and make the earth a heaven

June 4, 2023

भावनानी के भाव पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है सभी नागरिकों ने मिलकर सहभागिता देना है प्लास्टिक

विश्व पर्यावरण दिवस पर कविता ,| poem on world environment day

June 2, 2023

विश्व पर्यावरण दिवस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सबको संकल्पित होना है,देवभूमि रूप इस धरती पर पर्यावरण को नहीं खोना

विश्व माता पिता दिवस पर कविता |

June 2, 2023

1 जून 2023 को भारत में विश्व माता पिता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। माता-पिता बूढ़े बुजुर्गों का अनेक

PreviousNext

Leave a Comment