Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

Kavita – antim iccha | अंतिम इच्छा

अंतिम इच्छा सुनो दिकु… बस एक अंतिम इच्छा हैतुम से मुलाकात करने कीमेरे जीवन में तुम्हारा जो महत्त्व है उसपर …


अंतिम इच्छा

Kavita - antim iccha | अंतिम इच्छा

सुनो दिकु…

बस एक अंतिम इच्छा है
तुम से मुलाकात करने की
मेरे जीवन में तुम्हारा जो महत्त्व है उसपर बात करने की
यही बस एक अंतिम इच्छा है

समन्दर किनारे पैर को डुबोते हुए
हमारी आँखें एकदूजे में खोते हुए
आवश्यकता नहीं अब हमें रोने की
जीवन के गमगीन पलों को और ढोने की
प्रेमरूपी माला में हमारे एहसास के मोती पिरोने की
यही बस एक अंतिम इच्छा है

बंज़र पड़ी दिल की ज़मीन पर तप रही असह्य पीड़ा है
राहत मिलेगी अगर दिकुप्रेम मिलन की बरसात हो
बस अंतिम बार तुम्हारी और मेरी मुलाकात हो

मुज़े तुम्हारे प्रेम को लेकर जीवन में आगे बढ़ना है
तुम्हारे एहसासों के साथ कदम मिलाकर चलना है

यही बस एक अंतिम इच्छा है
यही बस एक अंतिम इच्छा है
यही बस एक अंतिम इच्छा है

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

Related Posts

जीवन है तो जिए जाना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

जीवन है तो जिए जाना बहुत तकलीफ़ देता है अपने किसी करीबी काइस दुनिया से असमय चले जाना, किसी हंसते

मान हैं मुझे तुम पर-जयश्री बिरमी

January 13, 2022

मान हैं मुझे तुम पर आन भी हैं तू मान भी हैं तूहिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तूतेरी मीठे

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है?-जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है? हर बार सामने आती हैंजांच एजेंसियों कीदेरी और लापरवाही की खबरेंबलात्कार,हत्या जैसे संगीन मामलों

परछाईं- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

परछाईं वक्त कितना भी बदल जायेहम कितने भी आधुनिक हो जायें, कितने भी गरीब या अमीर होंराजा या रंक हों

आज की द्रौपदी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

आज की द्रौपदी एक तो द्रौपदी थी तबअनेक है आज भीक्यों बचा न पाए आज के कृष्णजब बिलखती हैं वहआज

हिन्दी बेचारी- डॉ. इन्दु कुमारी

January 13, 2022

हिन्दी बेचारी राष्ट्र है मेरे अपने घरभारती हूँ मैं कहलाती जनमानस की हूँ सदासरल अभिव्यक्ति मैं राजदुलारी जन सभा कीअवहेलना

Leave a Comment