Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kavita ahankar by mosam khan alwar

कविता–अहंकार अहंकार एक अंधियारा है,जग में सबसे ये न्यारा है,ऊंच नीच का भेद नहीनित जीवन में ललकारा है।। अहंकार में …


कविता–अहंकार

kavita ahankar by mosam khan alwar
अहंकार एक अंधियारा है,
जग में सबसे ये न्यारा है,
ऊंच नीच का भेद नही
नित जीवन में ललकारा है।।

अहंकार में तुझको होश नहीं,
अहंकार है तेरे पास कुछ शेष नहीं
नजर नहीं आता तुझको कुछ भी,
अहंकारी है तू कुछ और नहीं।।

बुरा काम अहंकार कराता,
अपनो से तुझे अहंकार गिराता,
नहीं दिखती दुनिया तुझको,
अहंकारी तु क्यू इतराता।।

अहंकार वहां मानवता नही है,
मानव का मानव ही नहीं हैं,
जिस दिन मानवता जागेगी,
जग में खुशियां कोई गम नही है।।

छोड़ अहंकार कुछ अच्छा करले,
अपने होने की पहचान करले,,
जिंदगी छोड़नी पेडेगी एक दिन,
अहंकार से तौबा करले ।।

अहंकार से जो जीत जायेगा,
मान सम्मान सब मिल जायेगा,
जग जीवन खुशियां ही खुशियां
अपनो में अपना मिल जायेगा।।

️ मौसम खान️ अलवर,, राजस्थान
स्वरचित सरल बोल

Click here👉 Like us on Facebook
Click here👉 Follow us on Instagram


Related Posts

इन्सानियत के पक्ष में- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

इन्सानियत के पक्ष मे क्या तुम सीखना चाहते होखुद कई दिन भूखे रहकरअनाज की कीमत समझना? खुद पर कोई जुल्म

अश्रु- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

अश्रु बहते है अश्क ही आंखो के द्वार सेखुशी हो तो भी बहेंगे येगम में तो बहने का दस्तूर ही

हालात- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

हालात मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुतगले लगाने की बात ही न कीजिएघूमने की ख्वाहिश बहुत हैंमगर बाहर निकलने की बात

एक अभिशाप- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

एक अभिशाप एक तरफ हैं…घर में बेटी के जन्म लेने परमायूस होने वाले लोग,लेकिन बेटे के जन्म परपूरे गांव, रिश्तेदारी

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

शेखियां बघारने का मौसम चुनाव आ गये हैं और अब… देश को तरक्की की राह परले जाएगा कोई,तो कोई यहां

स्वामी विवेकानन्द – डॉ. इन्दु कुमारी

January 15, 2022

स्वामी विवेकानन्द युवाओं के प्रेरणा स्रौत शांति के संवाहक संतदेशभक्त समाज हितैषीलक्ष्य पाकर न रुके कदम भारतीयों के आदर्श हैंआध्यात्मिक

Leave a Comment