Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Deepak Kashyap, poem

kavita agar chahat hai kabhi kisi ke dil me bus jaane ki

 कविता  अगर चाहत है कभी किसी के दिल में बस जाने की, कभी गलती मत करना उसको आजमाने की। अगर …


 कविता 

kavita agar chahat hai kabhi kisi ke dil me bus jaane ki
अगर चाहत है कभी किसी के दिल में बस जाने की,
कभी गलती मत करना उसको आजमाने की।
अगर दिलवाले हो तो बस जाओगे उसके दिल में,
कभी कोशिश मत करना कुछ भी दिखाने की।
कितनी भी मुहब्बत हो दिल में ही छिपा के रखना,
कोई जरूरत नहीं होती उसको जताने की।
गर कुछ ख्वाहिश है दिल में तुम्हारे उस महबूब के लिए,
पूरी करना उसको जरूरत नहीं कोई बताने की।
इश्क है तुम्हें बेइंतहा तो तनहाइयों में जीना सीख लो,
ख्वाहिश ना रखना कभी उससे मिल जाने की।
चाहेगा तुम्हें तो गलतियों पर भी समझाएगा तुमको,
जरूरत नहीं किसी झूठ और बहाने की।
वह महबूब तुम्हारा कभी बदल भी तो सकता है,
उम्मीद ये भी रखना दिल के टूट जाने की।

नाम -दीपक कश्यप
पता – ग्राम व पोस्ट बनीडीह, जिला (जौनपुर)


Related Posts

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा

मन के हारे हार- जितेन्द्र ‘कबीर’-

January 25, 2022

मन के हारे हार हार भले ही कर ले इंसान कोकुछ समय के लिए निराशलेकिन वो मुहैया करवाती है उसकोअपने

गलतियां दोहराने की सजा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

गलतियां दोहराने की सजा देश में कोरोना की पहली लहरहमारी सरकारों ने विदेशों से खुद ब खुद हीबुलाई थी,जब इतनी

राजनीति के सियार- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

राजनीति के सियार पैसा किसी के हथियार है,लालच किसी का हथियार है,इसी सनातन मोह कोसत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनातेआजकल

श्रेष्ठता के मानक- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

श्रेष्ठता के मानक यह गवारा नहीं समाज कोकि सिर्फ अपनी प्रतिभा, लगन औरमेहनत के आधार पर कोई इंसानसमाज में उच्चतम

किस मुगालते में हो?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

किस मुगालते में हो? एक बात सच – सच बताओ..अभी तक नहीं हुए हो क्या तुमव्यवस्थागत अथवा व्यक्तिगतकिसी बेइंसाफी के

1 thought on “kavita agar chahat hai kabhi kisi ke dil me bus jaane ki”

Leave a Comment