Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kanchan chauhan, poem

Kavita : सपने | sapne

सपने सपने देखो, और फिर अपने सपने साकार करो। इन सपनों को पाने के लिए, मेहनत तुम लगातार करो।नहीं थकना …


सपने

Kavita : सपने | sapne
सपने देखो, और फिर अपने सपने साकार करो।

इन सपनों को पाने के लिए, मेहनत तुम लगातार करो।
नहीं थकना है, नहीं रूकना है, आशा का दामन थामो।
बिना रुके तुम चलते जाना, मंज़िल जो तुमको पानी है।
जग जाने यह सत्य , बुद्धि से सदा ही ताकत हारी है।
सपने देखो, तत्पर बुद्धि से तुम विचार करो ।
मेहनत के बल पर तुम अपने सपने साकार करो।
जो सपनों को देख सके वो जीते दुनिया सारी है।
बस मेहनत से मुख ना मोड़ो, मुठ्ठी में दुनिया तुम्हारी है।
मुश्किल से तुम मत घबराना, मुश्किल में मौका है छुपा।
मुश्किल को मौके में बदलो, और फिर जीत तुम्हारी है।
सपने देखो और फिर सपने साकार करो।
सपनों को पाने के लिए मेहनत तुम लगातार करो।

कंचन चौहान



Related Posts

कविता – पहले जैसा नहीं रहा गांव आज मेरा

June 2, 2021

कविता – पहले जैसा नहीं रहा गांव आज मेरा । पहले जैसा नहीं रहा गांव आज मेरा । देख कर

kavita agar chahat hai kabhi kisi ke dil me bus jaane ki

June 2, 2021

 कविता  अगर चाहत है कभी किसी के दिल में बस जाने की, कभी गलती मत करना उसको आजमाने की। अगर

gazal aaj kal shahar me ek fasana sare aam ho gya

June 2, 2021

ग़ज़ल  आजकल शहर में एक फ़साना सरे आम हो गया, जब से यार मेरा सियासी लोगो का गुलाम हो गया 

kavita thahar gyi hai nadi by ajay kumar jha

June 2, 2021

ठहर गई है नदी! मूक क्यों हो कुछ तो कहो कर्णभेदी गूंज में हूंकार करो ठहरे जल में कंकर उछाल

kavita is dhara par aurat by mahesh kumar keshri

June 2, 2021

 कविता..  इस धरा पर औरतें..  हम,  हमेशा खटते मजदूरों की तरह, लेकिन, कभी मजदूरी  नहीं   पातीं .. !!  और, आजीवन

kavita ahankar by mosam khan alwar

June 2, 2021

कविता–अहंकार अहंकार एक अंधियारा है,जग में सबसे ये न्यारा है,ऊंच नीच का भेद नहीनित जीवन में ललकारा है।। अहंकार में

Leave a Comment