Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Garima-Khandelwal, poem

Kavita-पति को भी इंसान मानो

पति को भी इंसान मानो उसके कंधे है इतने मजबूतवह सारी दुनिया को उठा लेगा तुम एक सुख दे कर …


पति को भी इंसान मानो

Kavita-पति को भी इंसान मानो

उसके कंधे है इतने मजबूत
वह सारी दुनिया को उठा लेगा
तुम एक सुख दे कर देखो
वो खुशियों की झड़ी लगा देगा।

पति नहीं कोई जादूगर या कोई भगवान
उसकी भी भावनाएं होती है
वह भी हाड मास का इंसान
प्रेम की चाहत बस उसकी
करो तुम पति का सम्मान।

भूख पसीना सब सहकर
मेहनत कर जब वह घर लौटे
मुस्कान भरे चेहरे से उसके
तप का तुम करो सम्मान।

अपने पति की ताकत बन कर
परिवार बगिया सा महकाना
होता है पति भी इंसान उसके
दुख का कारण कभी मत बनना।

शादी संस्कार दो लोगों का
यह कोई व्यापार नहीं
नफा नुकसान फायदे का
साझेदारी का बाजार नहीं।

तुम औरत हो शक्ति हो
शिव संग सृष्टि रच डालो
संग चलो संगिनी बन कर
इसमें छोटे बड़े की बात नहीं।

वो दुख तकलीफ नही बतलाता
होसलो को पर्वत कर लेता
परिवार पर कभी आंच ना आए
हिम्मत पत्नी को बतलाता।

प्रेम और सम्मान की चाहत
दिल उसका पत्थर ना मानो
पत्नी धर्म पूरा करने को
पति को भी इंसान मानो।

About author

गरिमा खंडेलवाल
उदयपुर



Related Posts

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

सवाल और जवाब

June 24, 2022

 सवाल और जवाब जितेन्द्र ‘कबीर’ सवाल! बिगड़ती कानून व्यवस्था का हो या फिर उन्मादी भीड़ हिंसा का, विवादास्पद कानूनों का

कौन है अच्छा इंसान?

June 24, 2022

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना

जो कम लोग देख पाते हैं

June 24, 2022

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और

PreviousNext

Leave a Comment