Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kanchan chauhan, poem

Kavita : सबला नारी | sabla naari

सबला नारी किसने कहा अबला है नारी, नारी तो सब पर भारी है।मां,बहन, बेटी या सखी, सब के रूपों में …


सबला नारी

Kavita : सबला नारी | sabla naari

किसने कहा अबला है नारी, नारी तो सब पर भारी है।
मां,बहन, बेटी या सखी, सब के रूपों में न्यारी है ।

अबला नहीं सबला है नारी, लेकिन यही व्यथा है सारी,
नारी को कोई झुका नहीं सकता ,बस नारी है नारी से हारी ।

किसने कहा अबला है नारी, नारी तो है सब पर भारी।
अबला नहीं सबला है नारी, नारी ना नर से हारी है।
नारी बस तब ही है हारी,जब नर के पीछे नारी है।

नारी का जीवन सुगम बनाना, होता है नारी के हाथ ।

नर ना होगा अत्याचारी, अगर ना हो नारी का साथ।
अबला नहीं सबला है नारी, नारी ना नर से हारी है।
नारी को कोई झुका नहीं सकता, नारी सब पर भारी है।

कंचन चौहान


Related Posts

मतदाता जागरूकता पर कविता

March 25, 2022

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे

सुहानी शाम- डॉ इंदु कुमारी

March 25, 2022

सुहानी शाम जिंदगी में सुरमईशाम आ जाएउदासी की समंदर मेंएक उफान आ जाएदुख भरी दिनों में भीसुर्ख होठों परमुस्कान आ

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

March 25, 2022

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

सफर- मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी”

March 25, 2022

सफर “जिंदगी का सफर”पेड़ की छाया जिस तरह इधर से उधर जाती है ।आदमी की जिंदगी भी सुख-दुख में कट

कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी

March 25, 2022

कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

March 25, 2022

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो

Leave a Comment